bribery

रिश्वत की जड़े बहुत गहरी है, हर छोटे बड़े शहरों से लेकर छोटे-छोटे गांवों, मोहल्लों तक इसने अपनी छाप छोड़ी है। छोटे से छोटा काम भी हमारे देश में एक पत्ती दो पत्ती, हरी पत्ती, लाल पत्ती दिए बिना नहीं होता। जुआरियों की भाषा की तरह ही रिश्वत के...

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हर शाख पे उल्लू बैठा है, अंजामें हिंदुस्तां क्या होगा? यह हम बचपन से सुनते आये हैं यह…. जैसे – जैसे हम बढ़ते गये ऐसा लगा की शाखों पर उल्लूओं की संख्या भी बढ़ती गई और अब आलम यह हो गया है की इन उल्लुओं के लिए शाखें भी...

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betiyan

अगर हम बेटियों की बात करें तो आज जहां एक तरफ कुछ बेटियां प्रगति हर क्षेत्र में अपनी भूमिका निभाकर अपनी पहचान बना रही हैं। तो वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसी बेटियां भी है जो आसमान तक पहुंचना तो दूर की बात है, उन्हें जमीन पर आने से पहले...

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aarakshan

आजादी के बाद बने भारतीय सविधान की प्रस्तावना में स्पष्ट तौर पर वर्णित हैं, हम भारत के लोग भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्वसंपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिको को सामाजिक आर्थिक एवं राजनीतिक न्याय विचार, अभिव्यकित, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्र ता प्रतिष्ठा और...

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मैं कॉमर्स का छात्र होने के बावजूद शेयर मार्केट का उतार – चढ़ाव कभी अपने पल्ले नहीं पड़ा। सेंसेक्स में एक उछाल से कैसे किसी कारोबारी को लाखों का फायदा हो सकता है, वहीं गिरावट से नुकसान , यह बात समझ में नहीं आती। अर्थ – व्यवस्था की यह...

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media

समकालीन परिवेश में हमारे प्रतिदिन के जीवन चक्र में और लगभग सभी क्षेत्रों में मीडिया का हस्तक्षेप बहुत बढ़ गया है, इसके अनेक कारण हैं। मीडिया के विभिन्न जनसंचार माध्यमों

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जनसंचार का अर्थ जनता के बीच विभिन्न माध्यमों से किया जाने वाला संचार है। जनसंचार का वर्तमान समय इसके परिपक्व समाज की मनोदशा विचार, संस्कृति आम जीवन

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अब तो यह सिद्ध हो गया है कि हम वाकई पिछड़े हैं। लोग 21वीं सदी की हाईटेक सिस्टम से हर क्रियाएँ करने लगे हैं और एक हम हैं कि वही कलम-कागज, वही पुराना लकड़ी का पैड जो वर्षों से इस्तेमाल करते चले आ रहे हैं, अब भी हमारे लेखनकक्ष...

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mining

हमारा देश आज पुरी तरह से खनन माफियाओं के गिरफ्त में आ चुका है।  आज चारों और खनन माफियों की भरमार है शायद ही हिन्दुस्तान का कोई कोना बचा हो जहाँ तरह-तरह के खनन माफियाओं का गुंडा राज न फैला है। हमारे देश की प्राकृतिक संपदाओं की बात करें...

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bihar-naksalism

देश के लिए एक गंभीर समस्या नक्सलवाद, यह सिर्फ भटके हुए आन्दोलन के अलावा और कुछ नहीं है। यह अधैर्य की उपज है। इसकी बस्ती में मानवता की कोई बयार नहीं बहती।

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