वेश्यावृत्ति (prostitution) एक शुल्क के लिए ग्राहकों की आवश्यकताओं जैसे यौन संतुषिट के लिए शरीर को बेचना है जिससे एक महिला को आजीविका कमाने का मौका मिले। प्राचीन काल से ज्ञात वेश्यावृत्ति का मतलब है कि आप किसी महिला के साथ यौन संबंध बनाने के बाद उसका भुगतान पैसों...

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कश्मीर भारतीय उपमहाद्वीप का एक हिस्सा है जिसके अलग-अलग भागों पर भारत तथा पाकिस्तान का अधिपत्य है । भारतीय कश्मीर जम्मू और कश्मीर प्रान्त का एक खण्ड है । पाकिस्तान इस पर भारत का अधिकार नहीं मानता और इसे अधिकृत करना चाहता है । कश्मीर एक मुस्लिमबहुल प्रदेश है। आज...

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2018चला गया और 2019 आ गया। लेकिन वह क्या चीज है जो एक सेंकेंड को दूसरे से, एक दिन को दूसरे दिन से और एक साल को दूसरे साल से अलग करती है। कुछ नहीं! वक़्त बिना जोड़ का एक ऐसा धागा है जो अनंत तक पसरा हुआ है। वे...

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हर तरह के जीवन का आरंभ एक छोटे सेल में होता है जो पोटोप्लाइजम से भरा रहता है। सेल इतना छोटा होता है कि वो माइक्रोस्कोप से ही देखा जा सकता है। हमारे शरीर में करीब 2600000 करोड़ सेल होते हैं। यह एक-दूसरे से मिलकर शरीर को जीवित रखते...

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यद्यपि भारत में प्राचीन काल से ही विधि की सर्वोच्चता रही है। सुदृढ़ गुप्तचर सेवा की सहायता से कानून को दूरस्त रखने की परम्परा भी बहुत पहले से चली आ रही है। दोषी व्यक्तियों को दण्ड का विधान भी भारतीय कानून व्यवस्था में पुलिस की छवि बर्बरता व प्रताड़ना...

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विज्ञान और प्रौद्योगिकी की कोख से ही नई भोगवादी सभ्यता का जन्म हुआ है, उसने जीवन और प्रकृति के प्रति मानव – दृष्टिकोण में एक बुनियादी परिवर्तन कर दिया है। प्रकृति के साथ व्यवहार करने का हमारा जो रिश्ता था वह बिल्कुल बदल गया है। अब प्रकृति मानव –...

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इंसान जब पैदा होता है तो उसके पास केवल पेट और मुंह नहीं बल्कि उसके पास दो हाथ भी होता है। अगर उसके हाथ को सम्मानित काम मिले तो ही देश प्रगति कर सकता है वरना सारी बातें केवल बातें हैं। इसी काम की तलाश में बिहारियों और उत्तर...

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women victim

युग पर युग बदले, सोच-विचार बदले, समय ने करवट ली, विकास और तरक्की आसमां छूने लगे, नदी, नाले, खेत खलियान सभी बदल गये। बस नहीं बदली तो नारी की तकदीर।

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भ्रष्टाचार ने जिस प्रकार से हमारी पूरी व्यवस्था को जकड़ लिया है और यह पूरी राजनीतिक प्रणाली में ऊपर से लेकर नीचे तक जम गया है इससे उबरने का इन्तजाम यदि वर्तमान राजनीतिज्ञों की पीढ़ी नहीं करेगी तो आने वाली पीढि़या इन्हें कभी माफ नहीं करेंगी और यह इतिहास में...

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26 जनवरी 1950 का दिन स्वतंत्र राष्ट्र का उदय उसकी संकल्प सिद्धि का दिवस था। बहुत गहरी प्रसव पीड़ा के बाद अंततः भारतीय स्वतंत्रता या यों कहें कि भारतीय अस्मिता का जन्म हुआ था, किन्तु अफसोस कि इसके उत्पन्न होते ही इसके अपने ही जन्मदाताओं ने बड़ी चालाकी से...

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