Election Commission of India ने महाराष्ट्र, बंगाल, बिहार और हरियाणा समेत 10 राज्यों में राज्यसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया। जानें वोटिंग डेट, प्रक्रिया और राजनीतिक असर।
नई दिल्ली। देश की संसदीय राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। Election Commission of India ने महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और हरियाणा सहित कुल 10 राज्यों में राज्यसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। आयोग के मुताबिक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदान और मतगणना एक ही दिन संपन्न होगी।
किन राज्यों में होंगे चुनाव?
इस चरण में जिन प्रमुख राज्यों की सीटें रिक्त हो रही हैं, उनमें शामिल हैं:
- Maharashtra
- West Bengal
- Bihar
- Haryana
इसके अलावा अन्य राज्यों की सीटों पर भी चुनाव कराया जाएगा, जिनका विस्तृत कार्यक्रम आयोग की आधिकारिक अधिसूचना में जारी किया गया है।
कब होगी वोटिंग?
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार:
नामांकन की अंतिम तिथि: (निर्धारित तिथि)
नामांकन पत्रों की जांच: (निर्धारित तिथि)
नाम वापसी की अंतिम तिथि: (निर्धारित तिथि)
मतदान की तारीख: (निर्धारित तिथि)
मतगणना: मतदान के दिन ही
मतदान राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा किया जाएगा, क्योंकि राज्यसभा चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से संपन्न होते हैं।
कैसे होता है राज्यसभा चुनाव?
राज्यसभा के सदस्य जनता द्वारा सीधे नहीं चुने जाते, बल्कि संबंधित राज्य की विधानसभा के निर्वाचित विधायक (MLAs) प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन सिस्टम और सिंगल ट्रांसफरेबल वोट (STV) प्रणाली के जरिए मतदान करते हैं।
राजनीतिक दलों के लिए यह चुनाव बेहद अहम होता है, क्योंकि राज्यसभा में संख्या बल से विधायी एजेंडा प्रभावित होता है।
क्यों अहम है यह चुनाव?
इन 10 राज्यों में होने वाले चुनाव का असर संसद के उच्च सदन की गणित पर पड़ेगा। महाराष्ट्र और बिहार जैसे बड़े राज्यों में सीटों की संख्या अधिक होने के कारण राजनीतिक दलों के बीच जोड़-तोड़ और रणनीति तेज हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी आम चुनावों से पहले यह चुनाव राजनीतिक दलों के लिए शक्ति प्रदर्शन का मंच भी साबित होगा।
राजनीतिक सरगर्मी तेज
राज्यसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही प्रमुख दलों ने उम्मीदवारों के चयन और समर्थन जुटाने की कवायद शुरू कर दी है। क्रॉस-वोटिंग की संभावना और गठबंधन समीकरण भी चर्चा में हैं।
