‘ED को डराया गया है’: I-PAC रेड मामले में बंगाल पुलिस अधिकारी के आरोपों पर ASG राजू का सुप्रीम कोर्ट में करारा जवाब

I-PAC रेड मामले में बंगाल पुलिस अधिकारी के आरोपों पर ASG राजू ने सुप्रीम कोर्ट में दिया कड़ा जवाब। जानें ED कार्रवाई, कानूनी बहस और मामले का पूरा घटनाक्रम।

नई दिल्ली। I-PAC रेड प्रकरण में एक बंगाल पुलिस अधिकारी द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद सियासी और कानूनी हलकों में हलचल तेज हो गई है। अधिकारी ने दावा किया कि छापेमारी के दौरान “ED को डराया गया”, जिस पर केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) राजू ने कड़ा प्रतिवाद किया। मामले की सुनवाई के दौरान Supreme Court of India में ASG राजू ने कहा कि प्रवर्तन एजेंसी की कार्रवाई कानून के दायरे में थी और उसे भयभीत करने का आरोप निराधार है।

क्या है पूरा मामला?

सूत्रों के मुताबिक, I-PAC से जुड़े एक ठिकाने पर Enforcement Directorate (ED) की कार्रवाई के बाद स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसी के बीच टकराव की स्थिति बनी। इसी क्रम में एक बंगाल पुलिस अधिकारी ने आरोप लगाया कि छापे के दौरान एजेंसी के अधिकारियों पर दबाव बनाया गया।

केंद्र की ओर से पेश ASG राजू ने अदालत में कहा कि एजेंसी अपना वैधानिक दायित्व निभा रही थी और किसी प्रकार की धमकी या दबाव का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जांच में सहयोग करना सभी संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी है।

सुप्रीम कोर्ट में क्या हुई बहस?

सुनवाई के दौरान ASG राजू ने दलील दी कि केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई को राजनीतिक रंग देना अनुचित है। उन्होंने अदालत से कहा कि जांच में बाधा डालने या एजेंसी पर सवाल उठाने से न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होती है।

वहीं, याचिकाकर्ता पक्ष ने राज्य पुलिस की भूमिका का बचाव करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली तारीख तय कर दी।

कानूनी और राजनीतिक असर

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब केंद्र और राज्यों के बीच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर पहले भी विवाद होते रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट की आगे की टिप्पणी इस प्रकरण में दिशा तय कर सकती है—खासकर केंद्रीय एजेंसियों के अधिकार क्षेत्र और राज्य पुलिस की भूमिका को लेकर।

आगे क्या?

अदालत की अगली सुनवाई में विस्तृत जवाब और दस्तावेज़ पेश किए जा सकते हैं। फिलहाल, ASG राजू के तीखे रुख के बाद यह साफ है कि केंद्र इस मामले में अपने रुख से पीछे हटने के मूड में नहीं है।