कोलकाता के तारातला में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से मची अफरा-तफरी

Kolkata Taratala Warehouse Collapse: कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से बड़ा हादसा। 50-60 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका, कई घायल। पुलिस, फायर ब्रिगेड और सेना बचाव कार्य में जुटी।

कोलकाता: पश्चिम कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार (24 जून 2026) को एक बड़ा हादसा हो गया। ब्रेस ब्रिज के पास ट्रांसपोर्ट डिपो रोड स्थित एक निर्माणाधीन गोदाम की छत अचानक ढह गई, जिससे वहां काम कर रहे दर्जनों मजदूर मलबे में दब गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे के समय गोदाम में 50 से 60 लोग मौजूद थे।

घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है और विभिन्न एजेंसियों की टीमें मौके पर तैनात हैं।

अब तक 9 घायल अस्पताल पहुंचाए गए

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, हादसे में घायल हुए कम से कम 9 लोगों को तत्काल कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से 5 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

चिकित्सकों की टीम घायलों का इलाज कर रही है, जबकि अन्य संभावित घायलों और फंसे हुए मजदूरों की तलाश जारी है।

पुलिस, फायर ब्रिगेड और सेना संभाल रही मोर्चा

कोलकाता पुलिस ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप, नागरिक सुरक्षा विभाग और फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज की टीमें मौके पर पहुंच गईं।

बचाव अभियान को तेज करने के लिए सेना के अधिकारी भी राहत कार्य में सहयोग कर रहे हैं। भारी मलबे को हटाने के लिए क्रेन और अन्य मशीनों की मदद ली जा रही है। गिर चुके लोहे के बीम और कंक्रीट के बड़े हिस्सों को हटाकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

निर्माण कार्य के दौरान हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुधवार दोपहर मजदूर रोज की तरह निर्माण कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान गोदाम की छत का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा।

भारी संरचना के नीचे कई मजदूर दब गए और घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। हादसे की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी, जिसके बाद आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और शुरुआती राहत कार्य में मदद करने लगे।

मृतकों की संख्या को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

भारतीय जनता पार्टी के नेता राकेश सिंह ने दावा किया है कि हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कई घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है और कुछ लोगों की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है।

हालांकि, प्रशासन की ओर से मृतकों की संख्या को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

मंत्री ने किया घटनास्थल का दौरा

पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री इंद्रनील खान ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।

मंत्री ने कहा कि सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं और राहत कार्यों को युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है।

हादसे की जांच के आदेश संभव

हादसे के कारणों का अभी तक आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। हालांकि, प्रारंभिक तौर पर निर्माण संबंधी खामियों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की आशंका जताई जा रही है।

प्रशासन द्वारा घटना की विस्तृत जांच कराए जाने की संभावना है ताकि यह पता लगाया जा सके कि निर्माणाधीन ढांचे की छत अचानक क्यों गिरी और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

स्थानीय लोगों में दहशत

हादसे के बाद आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे और हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

फिलहाल सभी की निगाहें बचाव अभियान पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि मलबे में फंसे लोगों को जल्द सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा।