Lucknow Fire Tragedy: लखनऊ के अलीगंज स्थित निजी कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर SIT जांच शुरू हो गई है। जानिए हादसे की पूरी कहानी, मृतकों की सूची और अब तक हुई कार्रवाई
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में एक निजी कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) घटनास्थल पर पहुंचकर जांच में जुट गया है।
कैसे हुआ हादसा?
सोमवार (22 जून) को अलीगंज के पुरनिया क्षेत्र स्थित एक बहुमंजिला इमारत में अचानक आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी बिल्डिंग धुएं से भर गई। अंदर मौजूद छात्र और कर्मचारी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। फायर ब्रिगेड की करीब 10 गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
शादी से पहले उजड़ गए सपने
इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। मृतकों में शामिल नीलेश और अनामिका की इसी साल दिसंबर में शादी होने वाली थी। दोनों एक साथ काम करते थे और अपने भविष्य के सपने संजो रहे थे, लेकिन आग की लपटों ने उनकी जिंदगी छीन ली।
वहीं, अब्दुल रहमान, जो अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे, इस हादसे में जान गंवा बैठे। उनकी मौत के बाद परिवार आर्थिक संकट में आ गया है।
इकलौते बेटे को खोने का दर्द
अब्दुल रहमान की मौत ने उनके माता-पिता को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, वह आईटी टेक्नीशियन के रूप में काम कर रहे थे और लंबे संघर्ष के बाद उन्हें यह नौकरी मिली थी। माता-पिता की खराब तबीयत के कारण वे बेटे के शव को लेने मॉर्चरी तक भी नहीं पहुंच सके।
हादसे में जान गंवाने वाले लोग
इस दर्दनाक घटना में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें शामिल हैं:
- सागर
- नीलेश
- अनामिका
- संयम
- अनुच्छा
- सुखमनी
- आदित्य श्रीवास्तव
- ज्योति
- भविष्य
- अब्दुल रहमान
- सूरज
- शहजान
- जयनिल चक्रवर्ती
- मोहम्मद अम्मार
- सुमल्या
घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
हादसे में घायल हुए जयंत, लवप्रीत, मोहम्मद आसिफ, भुवन श्रीवास्तव, पंकज, शैलेंद्र, अभिषेक, पंकज जोशी और गौरव कुमार को केजीएमयू अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाई भयावह कहानी
घटना में घायल हुईं लवप्रीत ने बताया कि आग लगने के बाद पूरी इमारत धुएं से भर गई थी और लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि बाहर कैसे निकला जाए।
उन्होंने बताया,
“हम छत की तरफ भागे लेकिन कोई रास्ता नहीं मिला। जान बचाने के लिए तार पकड़कर नीचे उतरने की कोशिश की, लेकिन संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर गई।”
फिलहाल उनके पैर में गंभीर चोट है और अस्पताल में उपचार चल रहा है।
हादसे के बाद प्रशासन का बड़ा एक्शन
घटना के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए:
- बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला को गिरफ्तार किया।
- पेट शॉप संचालक रामकृष्ण उपाध्याय को हिरासत में लिया।
- एनीमेशन कोचिंग संचालक तूशॉक कृष्णा जायसवाल को भी गिरफ्तार किया गया।
- मुख्यमंत्री के निर्देश पर चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
SIT करेगी पूरे मामले की जांच
सरकार ने मामले की गहन जांच के लिए दो सदस्यीय SIT का गठन किया है। जांच दल को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपनी होगी।
SIT यह पता लगाएगी कि:
- आग लगने की वास्तविक वजह क्या थी?
- भवन में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं?
- प्रशासनिक स्तर पर किसकी लापरवाही रही?
- हादसे को रोका जा सकता था या नहीं?
पूरे प्रदेश में शोक की लहर
लखनऊ अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। एक ही हादसे में 15 लोगों की मौत ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर SIT जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे इस दर्दनाक हादसे की असली वजह सामने आ सके।

