NEET UG Re-Exam 2026 के दिन बेंगलुरु में कांग्रेस की मेगा रैली पर विवाद। भाजपा ने ट्रैफिक जाम के कारण छात्रों को हुई परेशानी का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने आरोपों को भ्रामक बताया। जानें पूरा मामला।
बेंगलुरु | NEET Re-Exam 2026 : देशभर में आयोजित NEET UG Re-Exam 2026 रविवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया, लेकिन कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में परीक्षा के दिन आयोजित कांग्रेस की एक बड़ी राजनीतिक रैली को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस के मेगा कार्यक्रम के कारण शहर में भारी ट्रैफिक जाम लगा, जिससे कई छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में परेशानी हुई और कुछ अभ्यर्थी परीक्षा देने से भी वंचित रह गए।
इस मुद्दे को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने इन आरोपों को भ्रामक और राजनीतिक बताया है।
क्या है पूरा मामला?
रविवार 21 जून को देशभर में NEET UG Re-Exam 2026 आयोजित किया गया था, जिसमें लगभग 22 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया। इसी दिन बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड्स में कांग्रेस का एक बड़ा राजनीतिक सम्मेलन आयोजित किया गया, जहां वरिष्ठ नेता बी.के. हरिप्रसाद ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला।
भाजपा का दावा है कि इस आयोजन के कारण शहर के कई इलाकों में भारी ट्रैफिक जाम लगा, जिससे NEET परीक्षा देने जा रहे छात्रों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कठिनाई हुई।
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने लगाए गंभीर आरोप
बेंगलुरु दक्षिण से भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि पार्टी को इतनी बड़ी रैली के लिए कोई दूसरा दिन चुनना चाहिए था।
उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों को ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। कुछ छात्र परीक्षा केंद्रों तक देर से पहुंचे और उन्हें प्रवेश दिलाने के लिए अधिकारियों से विशेष अनुरोध करना पड़ा।
सूर्या ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो नेता छात्रों के हितों की बात करते हैं, उन्हें ऐसे संवेदनशील दिन राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन से बचना चाहिए था।
कांग्रेस ने आरोपों को बताया भ्रामक
भाजपा के आरोपों पर कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियंक खड़गे ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल आधी-अधूरी जानकारी के आधार पर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।
खड़गे के अनुसार, जिस परीक्षा केंद्र को लेकर विवाद हो रहा है वहां कुल 720 छात्रों को परीक्षा देनी थी, जिनमें से 142 छात्र अनुपस्थित रहे। हालांकि, अनुपस्थित छात्रों का कांग्रेस की रैली से सीधा संबंध साबित नहीं हुआ है।
उन्होंने बताया कि केवल तीन छात्रों को वास्तविक समस्या का सामना करना पड़ा।
तीन छात्रों के मामले में क्या हुआ?
एक छात्रा मगड़ी क्षेत्र से आ रही थी और समय पर बस नहीं मिलने के कारण परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सकी।
दूसरी अभ्यर्थी पुराना एडमिट कार्ड लेकर पहुंची थी, इसलिए उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिली।
तीसरे छात्र के मामले में देरी के कारणों की जांच की जा रही है।
ट्रैफिक एडवाइजरी पहले ही जारी की गई थी
प्रियंक खड़गे ने कहा कि बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने कार्यक्रम से पहले ही विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर दी थी और लोगों को वैकल्पिक मार्गों की जानकारी दी गई थी।
उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह NEET परीक्षा से जुड़े बड़े मुद्दों जैसे पेपर लीक और परीक्षा प्रबंधन की खामियों पर चुप रही, लेकिन अब राजनीतिक लाभ के लिए छात्रों की चिंता का दिखावा कर रही है।
NEET परीक्षा और राजनीति पर बढ़ी बहस
इस विवाद ने एक बार फिर शिक्षा और राजनीति के टकराव को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। जहां भाजपा कांग्रेस को छात्रों की परेशानी के लिए जिम्मेदार ठहरा रही है, वहीं कांग्रेस का कहना है कि परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने की व्यवस्था पहले से तय थी और राजनीतिक आरोप निराधार हैं।
फिलहाल यह मुद्दा कर्नाटक की राजनीति में गर्माया हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाजी देखने को मिल सकती है।

