उड़ान के 23 मिनट बाद कैसे टूटा संपर्क? कोलकाता ATC से क्या हुई बात? चतरा एयर एम्बुलेंस क्रैश में अब तक क्या पता चला

झारखंड के चतरा में रांची-दिल्ली एयर एम्बुलेंस 23 मिनट बाद रडार से गायब होकर क्रैश हो गई। 7 लोगों की मौत। DGCA और AAIB ने जांच शुरू की। जानें अब तक क्या पता चला।

Chatra Air Ambulance Crash: झारखंड के चतरा जिले में सोमवार रात हुए दर्दनाक एयर एम्बुलेंस हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। रांची से नई दिल्ली जा रही मेडिकल इवैक्युएशन फ्लाइट उड़ान भरने के महज 23 मिनट बाद रडार से गायब हो गई और बाद में जंगल क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त पाई गई। इस हादसे में विमान में सवार सभी 7 लोगों की मौत हो गई।

7:11 बजे भरी उड़ान, 7:34 बजे टूटा संपर्क

नागरिक उड्डयन नियामक डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के अनुसार, बीचक्राफ्ट C90 श्रेणी का विमान (टेल नंबर VT-AJV) सोमवार शाम 7:11 बजे बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची से नई दिल्ली के लिए रवाना हुआ था।

उड़ान के कुछ समय बाद विमान ने कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क स्थापित किया। लेकिन शाम 7:34 बजे के आसपास, वाराणसी से लगभग 100 नॉटिकल मील दक्षिण-पूर्व में विमान का रडार सिग्नल अचानक गायब हो गया। इसके बाद विमान से कोई संपर्क नहीं हो सका।

बताया जा रहा है कि संपर्क टूटने से ठीक पहले विमान की ओर से कुछ तकनीकी जानकारी साझा की गई थी, हालांकि आधिकारिक रूप से ATC वार्ता का पूरा ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है।

चतरा के जंगल में मिला मलबा

बाद में विमान का मलबा चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत करमाटांड़ गांव के पास घने जंगल में मिला। स्थानीय लोगों ने तेज धमाके की आवाज और धुएं का गुबार उठते देखा, जिसके बाद प्रशासन को सूचना दी गई।

दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी कठिनाई आई। पुलिस, जिला प्रशासन, वन विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं।

सभी सात लोगों की मौत

इस हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की जान चली गई। मृतकों में पायलट, को-पायलट, एक मरीज, एक डॉक्टर, एक पैरामेडिक और दो अटेंडेंट शामिल थे।

चतरा के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने बताया कि रात करीब 10 बजे दुर्घटना की सूचना मिली। इलाके की भौगोलिक चुनौतियों के कारण मौके तक पहुंचने में समय लगा।

DGCA और AAIB की जांच शुरू

हादसे के बाद डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है। साथ ही एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच चुकी है।

जांच एजेंसियां तकनीकी खराबी, मौसम की स्थिति, मानवीय चूक या अन्य संभावित कारणों की जांच कर रही हैं। ब्लैक बॉक्स बरामद होने के बाद दुर्घटना के कारणों पर स्पष्टता आने की उम्मीद है।

रडार डेटा के आधार पर चला सर्च ऑपरेशन

विमान का संपर्क टूटने के बाद उसकी अंतिम ज्ञात लोकेशन और रडार डेटा के आधार पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। जिला प्रशासन की टीमों के साथ सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में व्यापक खोज अभियान चलाया।

हाल के विमान हादसों से बढ़ी चिंता

यह हादसा हाल के महीनों में नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सामने आई सुरक्षा चुनौतियों को और गहरा करता है। इससे पहले जून 2025 में अहमदाबाद से उड़ान भरने के बाद एयर इंडिया का बोइंग ड्रीमलाइनर विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था।

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रहे ऐसे हादसे मेंटेनेंस सिस्टम, निगरानी तंत्र और एविएशन सेफ्टी प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

क्या हो सकता है कारण?

फिलहाल हादसे की वजह को लेकर कई सवाल बने हुए हैं:

  • क्या विमान में तकनीकी खराबी आई थी?
  • क्या मौसम या विजिबिलिटी की समस्या कारण बनी?
  • क्या किसी अन्य वजह से विमान ने नियंत्रण खो दिया?

अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक कारणों की पुष्टि की जाएगी।

रांची से दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस का 23 मिनट बाद रडार से गायब होना और फिर चतरा के जंगल में दुर्घटनाग्रस्त मिलना एक बड़ा रहस्य बन गया है। DGCA और AAIB की जांच रिपोर्ट से ही साफ हो पाएगा कि आखिर यह हादसा कैसे हुआ। फिलहाल पूरा देश मृतकों के परिवारों के साथ खड़ा है और जांच के निष्कर्ष का इंतजार कर रहा है।