बालाघाट में फर्जी MBBS डॉक्टर का खुलासा: एक डिग्री, कई पहचान, 15 साल तक करता रहा इलाज

मध्य प्रदेश के बालाघाट में फर्जी MBBS डॉक्टर का बड़ा खुलासा। एक ही डिग्री पर 15 साल तक नौकरी, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच।

बालाघाट | मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश के Balaghat जिले से स्वास्थ्य विभाग को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति कथित रूप से फर्जी एमबीबीएस डिग्री के आधार पर करीब 15 वर्षों तक सरकारी अस्पताल में डॉक्टर बनकर काम करता रहा और मरीजों का इलाज करता रहा। इस खुलासे ने न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था बल्कि सरकारी जांच प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

🏥 सरकारी अस्पताल में लंबे समय से तैनात था आरोपी

जानकारी के अनुसार, सुनील कुमार सिंह नाम का व्यक्ति Birsa के सरकारी अस्पताल में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) के पद पर कार्यरत था। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि जिस एमबीबीएस डिग्री के आधार पर वह नौकरी कर रहा था, उसमें नाम और पहचान को लेकर गंभीर विसंगतियां हैं।

बताया जा रहा है कि एक ही डिग्री का उपयोग अलग-अलग पहचान के साथ किया गया, जिससे यह मामला और भी संदिग्ध हो गया है।

⚠️ विभाग में हड़कंप, जांच शुरू

मामले के सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। Paresh Uplav, जो जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) हैं, ने बताया कि:

  • उन्हें इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है
  • पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है
  • जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि डिग्री असली है या फर्जी

💰 15 साल तक उठाता रहा वेतन

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतने लंबे समय तक यह कथित फर्जीवाड़ा कैसे चलता रहा।

  • आरोपी पिछले 15 सालों से सरकारी सेवा में था
  • इस दौरान उसने सरकारी खजाने से लाखों रुपये वेतन के रूप में प्राप्त किए
  • किसी भी स्तर पर पहचान या डिग्री का सत्यापन क्यों नहीं हुआ, यह जांच का अहम बिंदु है

❓ सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं:

  • क्या नियुक्ति प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही हुई?
  • डिग्री और पहचान का सत्यापन क्यों नहीं किया गया?
  • क्या इस मामले में और लोग भी शामिल हैं?

🔍 आगे क्या?

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना है।

Madhya Pradesh के Balaghat से सामने आया यह मामला केवल एक व्यक्ति की धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकारी तंत्र की कमजोरियों को भी उजागर करता है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है, जो इस पूरे फर्जीवाड़े की सच्चाई सामने लाएगी।