West Bengal Elections 2026: मुर्शिदाबाद में वोटिंग के दौरान बवाल, हुमायूं कबीर और TMC समर्थकों में झड़प, देसी बम से कई घायल

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के दौरान मुर्शिदाबाद में हिंसा, हुमायूं कबीर और TMC कार्यकर्ताओं में झड़प, देसी बम फेंके जाने की घटना सामने आई।

मुर्शिदाबाद | विशेष रिपोर्ट: West Bengal Assembly Elections 2026 के दौरान मुर्शिदाबाद जिले में मतदान के बीच हिंसा और बवाल की खबर सामने आई है। नौदा और आसपास के इलाकों में पूर्व टीएमसी नेता Humayun Kabir और All India Trinamool Congress (TMC) के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि नारेबाजी, धक्का-मुक्की और यहां तक कि देसी बम फेंके जाने की घटनाएं भी सामने आईं।

⚠️ मतदान के दौरान हंगामा, नारेबाजी और झड़प

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुर्शिदाबाद के नौदा इलाके में Humayun Kabir जब पोलिंग बूथों का दौरा कर रहे थे, तब TMC समर्थकों ने उनके खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

  • “चोर-चोर” के नारे लगाए गए
  • टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उन्हें “बीजेपी का एजेंट” बताया
  • सुरक्षाकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की की खबर

हालांकि, सुरक्षा बलों की सतर्कता से बड़ा टकराव टल गया।

💣 नौदा में देसी बम फेंके जाने की घटना

वोटिंग के बीच हालात तब और बिगड़ गए जब नौदा विधानसभा क्षेत्र में देसी बम फेंके जाने की घटना सामने आई।

  • कई लोगों के घायल होने की सूचना
  • इलाके में अफरा-तफरी का माहौल
  • पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने स्थिति को नियंत्रित किया

🛑 हुमायूं कबीर के आरोप और TMC की प्रतिक्रिया

Humayun Kabir ने आरोप लगाया कि TMC समर्थक जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

वहीं, TMC कार्यकर्ताओं ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें विपक्षी दलों का समर्थक बताया और उनके खिलाफ विरोध तेज कर दिया।

🚓 संवेदनशील इलाका, सुरक्षा बढ़ाई गई

मुर्शिदाबाद को पहले से ही संवेदनशील जिला माना जाता है।

  • अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की तैनाती
  • पोलिंग बूथों के आसपास कड़ी निगरानी
  • सड़कों पर जुटी भीड़ को हटाने के लिए पुलिस सक्रिय

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

📌 क्यों चर्चा में हैं हुमायूं कबीर?

Humayun Kabir पहले TMC से जुड़े हुए थे, लेकिन:

  • दिसंबर 2025 में पार्टी से सस्पेंड कर दिए गए
  • कारण: विवादित बयान और पार्टी अनुशासन का उल्लंघन
  • बाद में उन्होंने अपनी अलग पार्टी बनाई और अब चुनाव मैदान में हैं

उनका ‘बाबरी मस्जिद’ की तर्ज पर नई मस्जिद बनाने का बयान भी काफी विवादों में रहा था।

🧭 निष्कर्ष: चुनावी हिंसा पर सवाल

मुर्शिदाबाद में हुई यह घटना एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा और निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है।

West Bengal Assembly Elections 2026 के दौरान इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय हैं। प्रशासन और चुनाव आयोग के लिए यह बड़ी चुनौती है कि वे शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करें।