किराड़ी विधानसभा में अतिक्रमण विवाद पर DDA निरीक्षण के बाद बड़ा खुलासा। विजय शेखर ने विधायक अनिल झा पर आरोप लगाए। जानें क्या है पूरा मामला।
Delhi Kirari Encroachment News: किराड़ी विधानसभा क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर नया विवाद सामने आया है। क्षेत्र की जनता की शिकायत के आधार पर बीजेपी के राष्ट्रीय नेता और सामाजिक कार्यकर्ता विजय शेखर गुप्ता ने डीडीए के शीर्ष अधिकारियों से बातचीत की और निरीक्षण रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि जिस भूमि पर अतिक्रमण का आरोप लगाया गया है, वह सरकारी नहीं बल्कि निजी जमीन है।
क्या है पूरा मामला?
किराड़ी विधानसभा के वार्ड नंबर 37 और 39 में स्थानीय लोगों ने कथित अतिक्रमण को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर विजय शेखर ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया।
अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और बताया कि संबंधित भूमि सरकारी संपत्ति नहीं है, बल्कि निजी स्वामित्व की है। ऐसे में, जब तक भूमि स्वामी की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई जाती, तब तक कार्रवाई संभव नहीं है।
विधायक पर लगाए गए आरोप
विजय शेखर ने आरोप लगाया कि अनिल झा (किराड़ी विधायक) द्वारा संबंधित भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। हालांकि, DDA अधिकारियों का कहना है कि यह भूमि सरकारी रिकॉर्ड में निजी श्रेणी में दर्ज है।
सरकारी जमीन पर अतिक्रमण पर सख्ती
विजय शेखर ने स्पष्ट कहा कि दिल्ली राज्य में यदि कोई भी व्यक्ति सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि “दिल्ली में भू-माफिया और अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा कि सरकारी संपत्ति पर अतिक्रमण की स्थिति में प्रशासनिक कार्रवाई तय है और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
DDA की भूमिका क्या है?
दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) दिल्ली में भूमि प्रबंधन और विकास से संबंधित प्रमुख एजेंसी है। यदि कोई भूमि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होती है, तो DDA को उस पर अतिक्रमण हटाने का अधिकार होता है।
लेकिन यदि भूमि निजी स्वामित्व की हो, तो कार्रवाई के लिए भूमि स्वामी की शिकायत आवश्यक होती है।
आगे क्या?
फिलहाल, मामले में आधिकारिक शिकायत का इंतजार किया जा रहा है। यदि भूमि स्वामी की ओर से शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो संबंधित विभाग जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू कर सकते हैं।
इस मुद्दे ने किराड़ी क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल बढ़ा दी है।
किराड़ी विधानसभा में अतिक्रमण को लेकर उठे विवाद में DDA निरीक्षण के बाद स्पष्ट किया गया है कि संबंधित जमीन सरकारी नहीं है। अब आगे की कार्रवाई भूमि स्वामी की शिकायत पर निर्भर करेगी।
राजधानी में भूमि विवाद और अतिक्रमण के मामलों को लेकर प्रशासन की सख्ती के संकेत भी इस बयान से मिलते हैं।



