UP ATS ने बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश करते हुए 4 संदिग्धों को गिरफ्तार किया। पाकिस्तान हैंडलरों से जुड़े इस मॉड्यूल की पूरी जानकारी पढ़ें।
UP ATS Terror Plot Busted 2026: Uttar Pradesh Anti-Terrorism Squad ने एक बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश करते हुए चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग ‘गजवा-ए-हिंद’ के नाम पर देश में दहशत फैलाने और आगजनी की घटनाओं को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। जांच में सामने आया है कि इनका सीधा संपर्क पाकिस्तान स्थित हैंडलरों से था।
🔍 कैसे रची जा रही थी साजिश?
ATS के मुताबिक, आरोपी:
देश के अलग-अलग शहरों में गैस सिलेंडर के जरिए आगजनी की घटनाएं करने की योजना बना रहे थे
छोटी-छोटी वारदातों के वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजते थे
इसके बदले QR कोड के जरिए फंडिंग हासिल करते थे
यह पूरा नेटवर्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए संचालित हो रहा था, जिसमें विदेशी हैंडलर्स लगातार निर्देश दे रहे थे।
👤 मास्टरमाइंड समेत 4 गिरफ्तार
ATS ने इस मॉड्यूल के मुख्य आरोपी साकिब उर्फ डेविड को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला है कि:
यह गिरोह पाकिस्तान और अफगानिस्तान के संपर्कों से जुड़ा था
कट्टरपंथी विचारधारा के प्रभाव में आकर काम कर रहा था
अन्य स्थानीय सहयोगियों को भी शामिल किया गया था
📱 सोशल मीडिया के जरिए जुड़ा नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि आरोपी:
Telegram और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर रहे थे
कट्टरपंथी संगठनों और प्रचार सामग्री से प्रभावित थे
देश में धार्मिक आधार पर तनाव फैलाने की कोशिश कर रहे थे
🏢 कई शहरों में की गई रेकी
ATS के अनुसार, आरोपियों ने:
Lucknow, Aligarh और Ghaziabad जैसे शहरों में
सरकारी संस्थानों और वाहनों की रेकी (surveillance) की
महत्वपूर्ण लोकेशन की जानकारी और वीडियो विदेशी हैंडलरों को भेजे
🧾 क्या-क्या हुआ बरामद?
ATS ने आरोपियों के पास से:
ज्वलनशील पदार्थ
7 मोबाइल फोन
24 पंपलेट
आधार कार्ड
बरामद किए हैं। इनसे कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
🚨 जांच जारी, और गिरफ्तारी की संभावना
Uttar Pradesh Anti-Terrorism Squad फिलहाल आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है।
नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है
फंडिंग चैनल और विदेशी कनेक्शन की जांच जारी है
📝 निष्कर्ष
यह कार्रवाई देश की सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता का बड़ा उदाहरण है। समय रहते इस साजिश का पर्दाफाश कर एक बड़े आतंकी खतरे को टाल दिया गया। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और खुलासे हो सकते हैं।

