दरभंगा: बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए शुक्रवार को दरभंगा के केवटी विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी गठबंधन — कांग्रेस, राजद और सपा — पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि “इंडिया गठबंधन में तीन बंदर आ गए हैं — पप्पू, टप्पू और अप्पू,” और आरोप लगाया कि ये नेता सच बोलने, सुनने और देखने में असक्षम हैं।
मुख्यमंत्री ने सभा में कहा, “पप्पू सच बोल नहीं सकता, टप्पू सच देख नहीं सकता और अप्पू सच सुन नहीं सकता।” उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस पर पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए राज्य की law-and-order स्थिति पर भी हमला किया और एनडीए के नेतृत्व में फिर से सरकार बनाने की अपील की।
योगी ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार में अब अराजकता नहीं है और मिथिला का विकास हो रहा है। उन्होंने कहा, “जहाँ तक बात है— बटेंगे नहीं तो कटेंगे नहीं; एक रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे। नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए को फिर से विजय दिलाइए।” उन्होंने केवटी सीट से मुरारी मोहन झा को समर्थन देने की अपील भी की और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्ती की बात दोहराई।
सभा के कुछ प्रमुख अंश:
- मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग विदेशी दौरों में देश के खिलाफ बोलते हैं और राजनीतिक विरोध को बढ़ावा देते हैं।
- योगी ने उत्तर प्रदेश सरकार के “बल-प्रयोग और अपराधियों के खिलाफ कदम” का हवाला देते हुए कानून-व्यवस्था पर अपना रुख स्पष्ट किया।
- उन्होंने एनडीए की चुनावी रणनीति और ‘विजय’ की बात को स्थानीय मुद्दों से जोड़ा और मतदाताओं से भाजपा–जदयू गठबंधन को समर्थन देने की अपील की।
इस बयान से राजनीति तेज़ी से गर्मा चुकी है। विपक्षी दलों ने बयान की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे शब्द किसी लोकतांत्रिक बहस के अनुकूल नहीं हैं और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से जुड़े मुद्दों पर तथ्य प्रस्तुत कर चर्चा की जानी चाहिए। वहीं समर्थक इसे चुनावी भाषा और तीखे राजनीतिक व्यंग्य के रूप में देख रहे हैं।
राजनीतिक पंडितों का मानना है कि चुनावी सभाओं में ऐसे तीखे बयानों से जनभावना को भड़काने का असर भी हो सकता है और इससे सियासी वाकयुद्ध तेज होंगे। चुनाव के मद्देनज़र ऐसे बयानों का प्रभाव स्थानीय वोटरों पर कैसा पड़ेगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

