भारतेंदु हरिश्चंद्र को हिंदी साहित्य में आधुनिकता का प्रवर्तक माना जाता है. भारतेंदु स्वयं एक बहुत बड़े नाटककार भी थे. उन्होंने अपने नाटक के माध्यम से देश में व्याप्त अनेकों समस्याओं को देश वासियों से समक्ष प्रस्तुत किया. ‘अंधेर नगरी’ उनका सर्वाधिक महत्वपूर्ण व्यंग्य-नाटक है, जो सत्ता की विवेकहीनता...

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जाति जिसके आधार पर ही भारत को विविधाताओ वाला देश कहा जाता हैं । लेकिन ये विविधता सदियों से जातिगत भेद को जन्म देती आई हैं। इसके बहुत सारे प्रमाण मजहबी ग्रथों में प्रयुक्त हैं। महाभारत में एकलव्य के साथ हुए जातिगत बर्बरता ने जातिभेद की नींव ही रख...

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कान्तिकरी महापुरुष राजा राममोहन राय का जन्म पश्चिम बंगाल में हुगली जिले के राधानगर गांव में 22 मई1772 को हुआ था । राजा राममोहन राय की प्रारंभिक शिक्षा राधानगर में हुई। उसके बाद राजा राममोहन राय के पिता रामकांत राय जो वैष्णव समर्थक थे। उन्हें आगे की पढ़ाई के...

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उर्दू अदब के अज़ीम अफ़सानानिगार सआदत हसन मंटो की 107वीं सालगिरह 11 मई को मनाई गई। मन्टो 11 मई 1912 को लुधियाना के शहर समराला में पैदा हुए। बाप की सख़्ती और माँ की शफ़क़त में मन्टो की शख़्सियत पनपी। हमेशा मुआशरे की दुखती रग पर हाथ रखने वाले...

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