RBI Repo Rate Hike: रेपो रेट 5.50% होने के बाद PNB, Bank of India, Indian Bank, IOB और Bank of Baroda ने Repo-linked lending rates बढ़ा दी हैं। जानें नई दरें और EMI पर असर।
RBI Repo Rate Hike: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी के बाद कई बड़े बैंकों ने अपनी Repo Linked Lending Rates (RLLR/RBLR) बढ़ा दी हैं। पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक समेत कई बैंकों के ग्राहकों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। खासकर Repo-linked Floating Rate Loan लेने वाले ग्राहकों की EMI बढ़ सकती है या लोन की अवधि लंबी हो सकती है।
RBI ने रेपो रेट बढ़ाकर 5.50% किया
RBI की Monetary Policy Committee (MPC) ने 7 अक्टूबर 2026 को रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की। इसके साथ रेपो रेट 5.25% से बढ़कर 5.50% हो गया। यह फरवरी 2023 के बाद करीब चार साल में पहली बढ़ोतरी है।
RBI ने अपनी पॉलिसी का रुख भी “neutral” से बदलकर “calibrated tightening” कर दिया है। इसका संकेत है कि महंगाई और आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए आगे ब्याज दरों को लेकर राहत की बजाय सख्ती की गुंजाइश बनी हुई है।
Repo Rate बढ़ने से Loan क्यों महंगा होता है?
रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI बैंकों को अल्पकालिक फंड उपलब्ध कराता है। जब RBI रेपो रेट बढ़ाता है तो Repo-linked lending rates वाले लोन पर ब्याज दर बढ़ सकती है।
इसका सबसे ज्यादा असर उन ग्राहकों पर पड़ता है जिनका होम लोन, कार लोन या अन्य Floating Rate Loan किसी External Benchmark या Repo-linked rate से जुड़ा है।
ब्याज दर बढ़ने के बाद बैंक आमतौर पर EMI बढ़ा सकते हैं या ग्राहक के लोन का tenure बढ़ सकता है। इसका मतलब है कि अगर EMI समान रखी जाती है तो ग्राहक को लंबे समय तक ब्याज चुकाना पड़ सकता है।
Bank of India ने RBLR बढ़ाकर 8.35% किया
Bank of India (BoI) ने RBI के रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद अपनी Repo Based Lending Rate (RBLR) को 8.10% से बढ़ाकर 8.35% कर दिया है।
नई दर 8 अक्टूबर 2026 से लागू हुई। बैंक की RBLR में Repo Rate component 5.25% से बढ़कर 5.50% हुआ है, जबकि 2.85% का markup बरकरार रखा गया है।
Repo-linked loans लेने वाले ग्राहकों पर इसका असर उनकी loan agreement और reset mechanism के आधार पर पड़ेगा।
Punjab National Bank ने भी बढ़ाई Lending Rate
Punjab National Bank (PNB) ने अपनी Repo Linked Lending Rate (RLLR) को 8.10% से बढ़ाकर 8.35% कर दिया है।
PNB की नई RLLR 8 अक्टूबर से प्रभावी हुई है। हालांकि, बैंक ने कहा है कि उसके MCLR और Base Rate में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इसका मतलब यह है कि Repo-linked benchmark वाले लोन पर असर ज्यादा सीधे तौर पर देखने को मिल सकता है, जबकि MCLR या Base Rate से जुड़े लोन पर इस फैसले का सीधा असर नहीं होगा।
Indian Bank की RBLR 8.20%
चेन्नई मुख्यालय वाले सरकारी बैंक Indian Bank ने अपनी Repo Linked Benchmark Lending Rate (RBLR) को 7.95% से बढ़ाकर 8.20% कर दिया है।
बैंक के अनुसार, RBI MPC द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी के बाद संशोधित RBLR 8 अक्टूबर 2026 से लागू हुई।
Indian Overseas Bank ने RBLR बढ़ाकर 8.35% किया
Indian Overseas Bank (IOB) ने भी RBI के फैसले के बाद अपनी Repo Based Lending Rate को बढ़ाकर 8.35% कर दिया है।
नई दर 8 अक्टूबर 2026 से लागू हुई है।
Bank of Baroda की Lending Rate 8.15%
सरकारी बैंक Bank of Baroda (BoB) ने अपनी Repo Based Lending Rate को 7.90% से बढ़ाकर 8.15% कर दिया है।
यह भी 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी है और RBI के रेपो रेट में बदलाव के अनुरूप की गई है।
किन ग्राहकों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?
रेपो रेट बढ़ने का असर सभी तरह के लोन पर एक जैसा नहीं पड़ता। खासतौर पर वे ग्राहक प्रभावित हो सकते हैं जिनका लोन External Benchmark या Repo-linked Lending Rate से जुड़ा है।
ऐसे ग्राहकों के लिए:
- Home Loan EMI बढ़ सकती है
- Car Loan की लागत बढ़ सकती है
- Personal Loan महंगा हो सकता है
- EMI समान रहने पर Loan Tenure बढ़ सकता है
- लंबे समय में कुल Interest Outgo बढ़ सकता है
हालांकि वास्तविक असर ग्राहक के लोन की ब्याज दर, spread और reset frequency पर निर्भर करेगा।
आगे और बढ़ सकती हैं ब्याज दरें?
RBI के पॉलिसी स्टांस में “calibrated tightening” का बदलाव बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। RBI ने महंगाई के दबाव, ऊंची ऊर्जा कीमतों और रुपये पर दबाव जैसी परिस्थितियों के बीच दरों में बढ़ोतरी की है।
Reuters के अनुसार, RBI ने 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी के साथ भविष्य में भी परिस्थितियों के अनुसार और सख्ती की संभावना खुली रखी है।
ऐसे में आने वाले दिनों में दूसरे बैंक भी अपनी Repo-linked lending rates में बदलाव कर सकते हैं।
RBI Repo Rate Hike: नई दरों पर एक नजर
| बैंक | पुरानी Repo-linked Rate | नई Rate | बदलाव |
|---|
| Bank of India | 8.10% | 8.35% | +25 bps |
| Punjab National Bank | 8.10% | 8.35% | +25 bps |
| Indian Bank | 7.95% | 8.20% | +25 bps |
| Indian Overseas Bank | — | 8.35% | +25 bps |
| Bank of Baroda | 7.90% | 8.15% | +25 bps |
नोट: वास्तविक लोन ब्याज दर ग्राहक के लोन उत्पाद, benchmark, spread और अन्य लागू शर्तों के आधार पर अलग हो सकती है।
आम लोगों के लिए क्या समझें?
RBI की 25 bps रेपो रेट बढ़ोतरी का सीधा मतलब यह नहीं है कि हर ग्राहक की EMI तुरंत और समान अनुपात में बढ़ जाएगी। असर इस बात पर निर्भर करेगा कि आपका लोन किस benchmark से जुड़ा है और बैंक का reset cycle क्या है। इसलिए मौजूदा borrowers को अपने loan statement और applicable benchmark को जरूर चेक करना चाहिए।

