शाहिद अफरीदी का डर्टी गेम, एशिया कप मेंहार से बौखलाया पाकिस्तान, राहुल गांधी की तारीफ़ और भारत को गाली

नई दिल्ली: एशिया कप में भारत से मिली करारी हार के बाद पाकिस्तान का गुस्सा अब बयानबाज़ियों में झलकने लगा है। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने एक लाइव शो के दौरान भारतीय सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की जमकर तारीफ़ कर डाली। अफरीदी के इस बयान ने पाकिस्तान और भारत दोनों देशों में सियासी हलचल मचा दी है।

हार से बौखलाया पाकिस्तान

14 सितंबर को खेले गए एशिया कप मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से हराकर न केवल टूर्नामेंट में बढ़त बनाई बल्कि देशभर में जश्न का माहौल भी बना। मैच के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने यह जीत पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को समर्पित की। यही बात पाकिस्तानियों को नागवार गुज़री। भारतीय खिलाड़ियों ने मैच के बाद पाकिस्तानी प्लेयर्स से हाथ तक नहीं मिलाया, जिससे वहां और बौखलाहट बढ़ी।

अफरीदी का बयान – राहुल गांधी की तारीफ़, मोदी सरकार पर हमला

पाकिस्तानी न्यूज़ चैनल पर एक लाइव डिबेट के दौरान अफरीदी ने कहा:

“ये बहुत गंदा माइंडसेट है। जब तक इनके यहां ऐसे नेता हैं, तब तक ऐसा ही रहेगा। राहुल गांधी बहुत पॉज़िटिव इंसान हैं। वो बातचीत के जरिए सबके साथ चलना चाहते हैं। लेकिन बाकी नेता दोगले हैं। कमऑन यार, एक इज़रायल काफी नहीं था, कि तुम यहां भी इज़रायल बनने की कोशिश कर रहे हो।”

अफरीदी के इस बयान में एक तरफ राहुल गांधी की तारीफ़ थी, वहीं दूसरी तरफ भारत सरकार और प्रधानमंत्री मोदी की तुलना उन्होंने इज़रायल-गाज़ा संघर्ष से कर डाली।

बीजेपी का पलटवार

अफरीदी के इस बयान के बाद बीजेपी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला बोल दिया।

पार्टी प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने कहा:

“भारत से नफरत करने वाले हर व्यक्ति को राहुल गांधी और कांग्रेस में एक साथी मिल ही जाता है।”

वहीं, बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने लिखा:

“कट्टरपंथी शाहिद अफरीदी, जो भारत के खिलाफ ज़हर उगलने और कश्मीर को पाकिस्तान में मिलाने का सपना देखने का कोई मौका नहीं छोड़ते, अचानक राहुल गांधी की तारीफ़ कर रहे हैं। यह साफ दिखाता है कि भारत-विरोधी ताकतें कांग्रेस में अपना दोस्त ढूंढ लेती हैं।”

विपक्ष का क्रिकेट मैच पर विरोध

भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर विपक्षी दलों ने पहले ही सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि भारत सरकार को आतंकवाद फैलाने वाले पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने की इजाज़त नहीं देनी चाहिए थी।

हालांकि केंद्रीय मंत्री किरेंन रिजिजू ने सफाई देते हुए कहा कि:

“यह भारत और पाकिस्तान के बीच कोई द्विपक्षीय सीरीज़ नहीं थी, बल्कि एशिया कप का हिस्सा था। सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है।”

नतीजा – खेल से राजनीति तक

शाहिद अफरीदी के बयान ने एक बार फिर खेल और राजनीति को आपस में जोड़ दिया है। एक तरफ पाकिस्तान भारत की हार को पचा नहीं पा रहा है, वहीं अफरीदी जैसे खिलाड़ी भारतीय राजनीति में विपक्षी नेताओं की तारीफ़ कर सियासी बहस को और भड़का रहे हैं।

👉 अब बड़ा सवाल यह है कि जब भारत-विरोधी ताकतें राहुल गांधी जैसे नेताओं की तारीफ़ करने लगें, तो क्या यह कांग्रेस के लिए “इंटरनेशनल इमेज” का संकट है या महज़ एक राजनीतिक संयोग?