‘सौ शहाबुद्दीन भी आ जाएं तो…’ — सिवान में अमित शाह ने लालू परिवार पर साधा निशाना, कहा- ओसामा/शहाबुद्दीन को नहीं जीतने देंगे

सिवान (बिहार): बिहार विधानसभा चुनावी माहौल के बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सिवान में एक रैली के दौरान जमकर आक्रमक रुख अपनाया और आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव व उनके परिवार पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने इलाके में पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के कथित कुकृत्यों का जिक्र करते हुए कहा कि सिवान ने लालू के शासन में कठिन दौर देखा है और अब वहां “नीतीश कुमार–मोदी राज” है, जिसके चलते कोई भी अपराधी या घुसपैठिया आसानी से बच कर नहीं जाएगा।

शाह ने सभा में लोकपाल-लहूलुहान जैसी तीखी भाषा का प्रयोग करते हुए कहा,

“20-20 सालों तक लालू–राबड़ी के जंगलराज में शहाबुद्दीन का खौफ, अत्याचार और हत्याओं का दौर चला। सिवान की धरती लहूलूहान हुई, लेकिन सिवानवासियों ने झुकने से इंकार कर दिया। अब मोदी जी और नीतीश कुमार जी का राज है — सौ शहाबुद्दीन भी आ जाएं तो किसी का बाल बांका नहीं होगा।”

उन्होंने यह भी दावा किया कि एनडीए ने बिहार को “जंगलराज” से मुक्त कराया है और इसी नेतृत्व में यह चुनाव लड़ा जा रहा है। शाह ने कहा कि जिन लोगों ने शासन में भ्रष्टाचार किया, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और इस बार मतदाता उनसे छुटकारा दिलाएंगे।

लालू परिवार और घोटालों का जमकर आरोप

अमित शाह ने लालू पर आरोप लगाते हुए कई घोटालों का हवाला दिया और कहा कि राजद सरकारों के दौरान विकास नहीं हुआ। उन्होंने कहा,

“आपने 20 वर्षों में विकास का कोई काम किया हो तो सिवानवालों को बताइए। विकास नहीं किया गया, पर चारा घोटाला, लैंड-फॉर-जॉब स्कैम, रेलवे होटल घोटाला और BPSC भर्ती में घोटाले हुए — और आय से अधिक संपत्ति के मामलों में भी आप फंसे हुए हैं।”

शाह ने यह भी कहा कि 14 नवम्बर (वे कह रहे हैं) को असली “दिवाली” मनाएंगे जब लालू के बेटे का ‘सुपड़ा साफ’ हो जाएगा — इस तरह के बयान चुनावी समय में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का पलटाव हैं।

घुसपैठियों पर हमला और राहुल गांधी को निशाना

सभा में अमित शाह ने प्रवासी/घुसपैठियों के मुद्दे को भी उठाया और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग घुसपैठियों के पक्ष में बोल रहे हैं और उनकी सरकार एक-एक करके घुसपैठियों को देश से बाहर निकालेगी। शाह ने सभा से मतदाता-समर्थन की अपील करते हुए पूछा कि क्या सिवानवासी चाहते हैं कि मतदाता सूची में घुसपैठिए रहें।

“सिवानवालों, मुझे बताइए — घुसपैठियों को बिहार से निकालना चाहिए या नहीं? फिर से NDA की सरकार बनते ही हम चुने-चुने घुसपैठियों को देश से बाहर करेंगे,” उन्होंने कहा।

सियासी प्रतिक्रियाएँ और अगले कदम

अमित शाह के संबोधन ने राज्य के राजनीतिक रंग को और गरमा दिया है। स्थानीय और राजकीय नेताओं की ओर से बयानबाजी तेज होने की संभावना है; विपक्षी दलों द्वारा अमित शाह के इन आरोपों का कड़ा जवाब देने की उम्मीद जताई जा रही है।

एनडीए की ओर से यह रैली चुनावी संकल्प और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर जनसमर्थन जुटाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है, जबकि विपक्ष इसे चुनावी आरोप-प्रत्यारोप और ध्रुवीकरण की रणनीति करार दे सकता है।