डोनाल्ड ट्रंप की निकल गई हेकड़ी! भारत से ट्रेड डील को तैयार हुआ अमेरिका, जानिए पीएम मोदी के लिए क्या कहा

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत के साथ मजबूत रिश्तों पर जोर दिया है। हाल ही में दिए गए अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि वे भारत के साथ एक व्यापारिक समझौते (Trade Deal) को लेकर तैयार हैं। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की और कहा कि उनका पीएम मोदी के साथ “बेहतरीन संबंध” है।

भारत-पाक तनाव पर ट्रंप का दावा

ट्रंप ने कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों से बात की थी। उनके मुताबिक, उसी बातचीत के बाद युद्ध जैसी स्थिति टल गई। उन्होंने कहा,

“मैंने सुना था कि दोनों देशों के बीच झड़प में सात विमान गिराए गए हैं। ये दोनों परमाणु ताकतें हैं। मैंने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया और कहा कि अगर युद्ध हुआ तो हम ट्रेड डील नहीं कर पाएंगे। फिर मैंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से भी यही बात कही। दोनों ने कहा कि हमें लड़ने दीजिए, लेकिन मैंने दोनों को समझाया।”

“मोदी सबसे सख्त और स्मार्ट नेता हैं”

ट्रंप ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा,

“प्रधानमंत्री मोदी सबसे स्मार्ट और सख्त नेताओं में से एक हैं — टफ ऐज हेल। लेकिन अंत में, दो दिन के भीतर दोनों देशों ने मुझसे संपर्क किया और कहा कि वे समझ गए हैं और झगड़ा रुक गया। क्या यह अद्भुत नहीं है?”

इसके साथ ही उन्होंने मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन पर भी निशाना साधा। ट्रंप ने कहा,

“क्या बाइडेन ऐसा कर सकते थे? मुझे नहीं लगता।”

भारत-अमेरिका रिश्तों में नई गर्मजोशी

ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हाल के महीनों में तीन बार बातचीत हो चुकी है —

पहली बार, पीएम मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने के लिए,

दूसरी बार, गाजा समझौते पर चर्चा के दौरान,

तीसरी बार, दिवाली के अवसर पर शुभकामनाओं के आदान-प्रदान के लिए।

इन बातचीतों से दोनों देशों के रिश्तों में फिर से गर्मजोशी और विश्वास लौटता दिख रहा है। भारत और अमेरिका के बीच एक ठोस व्यापार समझौता (Trade Deal) को इस रिश्ते को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

भारत की ओर से बताया गया है कि वार्ता जारी है, जबकि अमेरिकी पक्ष ने कहा कि बातचीत “सार्थक” रही है, हालांकि कुछ प्रमुख मुद्दों पर सहमति अभी नहीं बन पाई है।

अगर यह डील होती है, तो यह भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकती है — खासकर उस दौर में जब दोनों देश वैश्विक स्तर पर नए साझेदारी ढांचे तैयार कर रहे हैं।