BRICS Summit 2026: दिल्ली में BRICS बिजनेस फोरम की शुरुआत हो गई है। जयशंकर ने वैश्विक राजनीतिक-आर्थिक व्यवस्था में बदलाव की बात कही, जबकि पीयूष गोयल ने सहयोग पर जोर दिया।
BRICS Summit 2026: दिल्ली में BRICS Summit 2026 की शुरुआत बिजनेस फोरम से हो गई है। BRICS शिखर सम्मेलन से पहले आयोजित बिजनेस फोरम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों के बीच BRICS देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई प्रमुख वैश्विक नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
20 साल के संस्थागत सहयोग का मील का पत्थर
BRICS बिजनेस फोरम के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि इस साल BRICS के संस्थागत सहयोग के 20 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने इसे संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।
जयशंकर ने कहा कि BRICS ने पिछले वर्षों में अपनी सदस्यता, एजेंडा और सहयोग के तरीकों के मामले में काफी विकास किया है। भारत की अध्यक्षता के दौरान लचीलेपन, इनोवेशन, सहयोग और स्थिरता पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि BRICS की ये प्राथमिकताएं मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के लिहाज से विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।
‘वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था में बड़े बदलाव’
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया ऐसे दौर से गुजर रही है, जब वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था में बड़े बदलाव हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि BRICS का विस्तार और इसके सहयोग के नए क्षेत्र संगठन को बदलती वैश्विक परिस्थितियों में अधिक प्रासंगिक बनाते हैं। ऐसे समय में सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग, नवाचार और स्थिरता पर मिलकर काम करना महत्वपूर्ण है।
जयशंकर ने BRICS बिजनेस फोरम के उद्घाटन समारोह में शामिल होने पर खुशी जताते हुए कहा कि शिखर सम्मेलन से पहले बिजनेस समुदाय की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
पीयूष गोयल ने आर्थिक कूटनीति पर दिया जोर
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने BRICS बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा दौर में आर्थिक कूटनीति की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो गई है।
उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर की मौजूदगी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उस समय आर्थिक कूटनीति के महत्व को दर्शाता है, जब दुनिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है।
गोयल ने BRICS देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि सामूहिक प्रयासों के जरिए आर्थिक गतिविधियों को रोजगार और समृद्धि में बदला जा सकता है।
‘मिलकर काम करने की जरूरत’
पीयूष गोयल ने कहा कि BRICS देशों को मिलकर काम करने की जरूरत है, ताकि आर्थिक गतिविधियों का फायदा सीधे लोगों तक पहुंच सके।
उन्होंने कहा, “हमें मिलकर काम करने की जरूरत है ताकि हम अपने कामों को अपने लोगों के लिए नौकरियों में और BRICS सदस्य देशों के लिए धन और समृद्धि में बदल सकें।”
गोयल के मुताबिक BRICS देश दुनिया की लगभग आधी आबादी और वैश्विक GDP के करीब 40 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इन देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने की बड़ी संभावनाएं हैं।
रूस की बिजनेस एंबेसडर ने BRICS करेंसी पर क्या कहा?
BRICS बिजनेस फोरम के दौरान रूस की भारत में बिजनेस एंबेसडर और ‘ऑल रशियन पब्लिक ऑर्गनाइजेशन बिजनेस रशिया’ की जनरल काउंसिल की सदस्य ओल्गा कुलिकोवा ने BRICS करेंसी को लेकर अपनी उम्मीद जताई।
उन्होंने कहा कि रूस BRICS करेंसी का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। उनके मुताबिक, ऐसी व्यवस्था से देशों के बीच व्यापार को आसान बनाने और यात्रा को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
कुलिकोवा ने BRICS को सदस्य देशों के लिए बड़े अवसरों वाला मंच बताते हुए उम्मीद जताई कि इससे भविष्य में व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे और सभी सदस्य देशों को इसका फायदा मिलेगा।
BRICS Summit 2026 पर दुनिया की नजर
BRICS Summit 2026 ऐसे समय में आयोजित हो रहा है, जब वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं। बिजनेस फोरम में नेताओं और कारोबारी प्रतिनिधियों के बयानों से स्पष्ट है कि BRICS देशों के बीच व्यापार, निवेश, आर्थिक सहयोग और आर्थिक कूटनीति को आगे बढ़ाना इस सम्मेलन के प्रमुख मुद्दों में शामिल है।
भारत की मेजबानी में हो रहा यह सम्मेलन BRICS के भविष्य के एजेंडे और बदलती वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में संगठन की भूमिका को लेकर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

