उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के खेरागढ़ क्षेत्र में गुरुवार (2 अक्टूबर) को दुर्गा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। उंटगन नदी में मूर्ति विसर्जन के समय करीब 13 युवक गहरे पानी में डूब गए। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे गांव को दहला दिया। देर रात तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में 3 युवकों के शव बरामद किए गए हैं, जबकि एक युवक को जीवित बचा लिया गया है। शेष युवकों की तलाश जारी है।
हादसे का मंजर
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा दोपहर करीब एक बजे हुआ। कुसियापुर गांव में चामड़ माता मंदिर में नवरात्र पर स्थापित की गई मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जा रहा था। गांव के करीब 40-50 लोग, जिनमें पुरुष, महिलाएं और बच्चे शामिल थे, विसर्जन के लिए उंटगन नदी पर पहुंचे थे। इसी दौरान विष्णु (20), ओमपाल (25), गगन (24), हरेश (20), अभिषेक (17), भगवती (22), ओके (16), सचिन पुत्र रामवीर (26), सचिन पुत्र ऊना (17), गजेंद्र (17) और दीपक (15) गहरे पानी में चले गए।
ग्रामीणों ने बताया कि सभी युवक एक-एक कर डूबने लगे। मौके पर कोई बचाव साधन या पुलिस मौजूद नहीं थी। ग्रामीणों की मदद से एक युवक विष्णु को बाहर निकाला गया और उसे नाजुक हालत में एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
पुलिस और प्रशासन की भूमिका
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा। डीएम अरविंद मलप्पा और डीसीपी पश्चिमी जोन अतुल शर्मा भी देर शाम घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने पुलिस पर देरी से पहुंचने का आरोप लगाया और नाराजगी जताई। हालांकि, अधिकारियों ने उन्हें समझाकर शांत कराया।
करीब डेढ़ घंटे बाद ग्रामीणों ने दो और युवकों ओमपाल और गगन को नदी से निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। देर रात तक चले सर्च ऑपरेशन में अब तक तीन शव बरामद हो चुके हैं।
SDRF की टीम जुटी
नदी में लापता अन्य युवकों की तलाश के लिए छह घंटे बाद एसडीआरएफ की टीम पहुंची। गोताखोरों की मदद से तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। डीसीपी अतुल शर्मा ने बताया कि ग्रामीण विसर्जन स्थल से कुछ दूर आगे प्रतिमा विसर्जित करने गए थे, जहां यह हादसा हुआ। अब तक 3 की मौत की पुष्टि हुई है, एक युवक को जीवित बचा लिया गया है और बाकी युवकों की तलाश जारी है।
गांव में मातम
इस हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरा गांव मातमी माहौल में डूबा हुआ है।

