लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले Bharatiya Janata Party (BJP) सोशल इंजीनियरिंग के फॉर्मूले पर काम करती नजर आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, Yogi Adityanath सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में तीसरे डिप्टी सीएम की ताजपोशी हो सकती है।
फिलहाल प्रदेश में दो डिप्टी सीएम—Keshav Prasad Maurya (OBC) और Brajesh Pathak (ब्राह्मण)—मौजूद हैं। ऐसे में तीसरा चेहरा दलित या जाट समुदाय से हो सकता है।
🏛️ क्यों हो रही तीसरे डिप्टी CM की चर्चा?
- 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी
- जातीय संतुलन (Social Engineering) साधने की रणनीति
- पश्चिमी यूपी और दलित वोट बैंक को मजबूत करना
- ब्राह्मण नाराजगी को संतुलित करने की कोशिश
हाल ही में Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) के शीर्ष नेताओं और बीजेपी नेतृत्व की बैठकों के बाद इन अटकलों को और बल मिला है।
🔍 तीसरे डिप्टी CM के लिए 3 बड़े दावेदार
1️⃣ Baby Rani Maurya
- जाटव (दलित) समुदाय से मजबूत चेहरा
- उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल
- आगरा से राजनीति की शुरुआत (मेयर से राज्यपाल तक सफर)
- दलित वोट बैंक, खासकर जाटव समाज में मजबूत पकड़
- महिला प्रतिनिधित्व के लिहाज से भी अहम
👉 अगर बीजेपी दलित और महिला कार्ड खेलती है, तो इनका नाम सबसे आगे माना जा रहा है।
2️⃣ Asim Arun
- पूर्व IPS अधिकारी, प्रशासनिक अनुभव
- कन्नौज से विधायक
- जाटव (दलित) समुदाय से संबंध
- कानून-व्यवस्था और टेक्नोक्रेट छवि
👉 शहरी और युवा वोटर्स को आकर्षित करने के लिए मजबूत विकल्प।
3️⃣ Bhupendra Singh Chaudhary
- पश्चिमी यूपी के प्रमुख जाट नेता
- बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष
- संगठन और बूथ मैनेजमेंट में मजबूत पकड़
👉 जाट वोट बैंक और पश्चिमी यूपी में प्रभाव बढ़ाने के लिए अहम चेहरा।
🧠 बीजेपी की रणनीति क्या है?
बीजेपी इस बार “सोशल इंजीनियरिंग + क्षेत्रीय संतुलन” के फॉर्मूले पर काम कर रही है:
- OBC + ब्राह्मण + दलित + जाट समीकरण
- पश्चिमी यूपी और दलित बेल्ट पर फोकस
- संगठन और सरकार में नए चेहरों को मौका
साथ ही, समाजवादी पार्टी के PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) समीकरण की काट भी खोजी जा रही है।
⚖️ ब्राह्मण और संगठन संतुलन पर भी फोकस
सूत्रों के अनुसार:
- ब्राह्मण समुदाय की नाराजगी दूर करने की कोशिश
- मंत्रिमंडल और संगठन में संतुलित प्रतिनिधित्व
- पुराने पदाधिकारियों की छुट्टी संभव
- नए चेहरों को मौका
📌 आगे क्या?
लखनऊ में होने वाली बीजेपी कोर कमेटी की बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं। इसी बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार और संभावित तीसरे डिप्टी सीएम को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश में तीसरे डिप्टी सीएम की चर्चा सिर्फ पद बढ़ाने की नहीं, बल्कि एक बड़ी चुनावी रणनीति का हिस्सा है। बीजेपी 2027 चुनाव से पहले हर वर्ग को साधने की कोशिश में है। अब देखना होगा कि पार्टी किस चेहरे पर भरोसा जताती है।

