UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश में जेडीयू ने बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। श्रवण कुमार ने युवा और महिला कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। जानिए क्या 2027 विधानसभा चुनाव लड़ेगी नीतीश कुमार की पार्टी?
लखनऊ | उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) [JDU] की उत्तर प्रदेश में सक्रियता बढ़ने से यह सवाल उठने लगा है कि क्या पार्टी इस बार यूपी विधानसभा चुनाव मैदान में उतरेगी? फिलहाल पार्टी ने चुनाव लड़ने का औपचारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
यूपी में संगठन मजबूत करने पर जोर
रविवार (9 अगस्त 2026) को बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री एवं जेडीयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार, जो उत्तर प्रदेश जेडीयू के संगठन प्रभारी भी हैं, ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाए।
उन्होंने कहा कि पार्टी में युवा और महिला कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाना प्राथमिकता है और प्रत्येक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है कि संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत बनाया जाए।
कार्यकर्ताओं को जनसंवाद बढ़ाने का निर्देश
राजगीर परिसदन में आयोजित बैठक में यूपी जेडीयू के प्रदेश सचिव जयप्रकाश पटेल सहित अन्य पदाधिकारियों को आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर काम करने और जनता के बीच सक्रिय संवाद बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
श्रवण कुमार ने कहा कि एनडीए सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार से लेकर उत्तर प्रदेश तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुशासन और विकास मॉडल की चर्चा हो रही है।
गांव-गांव तक पहुंचाने होंगे विकास कार्य
बैठक में श्रवण कुमार ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जेडीयू की विकासवादी सोच और जनहितकारी योजनाओं को गांव-गांव और आम लोगों तक पहुंचाएं, ताकि पार्टी का जनाधार मजबूत हो सके।
उनका कहना था कि मजबूत संगठन ही चुनावी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
क्या 2027 में चुनाव लड़ेगी जेडीयू?
हालांकि जेडीयू की ओर से अभी तक उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन जिस तरह से संगठन विस्तार और चुनावी तैयारी पर जोर दिया जा रहा है, उससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पार्टी संगठनात्मक तैयारी तेज करती है, तो वह एनडीए के भीतर सीट साझेदारी को लेकर भी अपनी दावेदारी पेश कर सकती है।
2022 में नहीं लड़ी थी जेडीयू
गौरतलब है कि 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जनता दल (यूनाइटेड) ने हिस्सा नहीं लिया था। राज्य की 403 विधानसभा सीटों पर एनडीए के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव लड़ा था।
अब 2027 के चुनाव से पहले जेडीयू द्वारा संगठन मजबूत करने की कवायद ने यह संकेत जरूर दिया है कि पार्टी उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी सक्रिय भूमिका बढ़ाना चाहती है। हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व और एनडीए के भीतर होने वाली सीटों की बातचीत पर निर्भर करेगा।

