राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब जमीन खरीद-फरोख्त की भी जांच होगी। आरोपी अविनाश को पूछताछ के लिए जेल से पुलिस हिरासत में लाया गया है। पढ़ें पूरी अपडेट।
अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब और तेज हो गई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने इस मामले में जांच का दायरा बढ़ाते हुए अब जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े लेनदेन की भी पड़ताल शुरू कर दी है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि चढ़ावे से जुड़े कथित आर्थिक लेनदेन का संबंध कुछ संपत्ति सौदों से भी हो सकता है।
इसी सिलसिले में पुलिस ने मामले के आरोपी अविनाश को पूछताछ के लिए जेल से पुलिस हिरासत में लाकर उससे विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है।
जमीन खरीद के दस्तावेजों की होगी जांच
सूत्रों के मुताबिक, SIT अब उन जमीनों की खरीद-बिक्री के दस्तावेजों की जांच करेगी, जिनमें संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की आशंका जताई जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं मंदिर से जुड़े कथित धन का उपयोग संपत्ति खरीदने या अन्य आर्थिक गतिविधियों में तो नहीं किया गया।
इसके लिए संबंधित रजिस्ट्री दस्तावेज, बैंक लेनदेन, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य जरूरी दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।
आरोपी अविनाश से होगी गहन पूछताछ
मामले के आरोपी अविनाश को जेल से पुलिस हिरासत में लाकर SIT उससे कई अहम सवाल पूछ रही है। जांच अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि कथित आर्थिक गड़बड़ियों में किन-किन लोगों की भूमिका रही और क्या किसी संगठित नेटवर्क के माध्यम से यह पूरा मामला संचालित किया गया।
पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
आर्थिक लेनदेन और बैंक खातों की भी जांच
SIT केवल आरोपियों के बयान पर निर्भर नहीं है, बल्कि बैंक खातों, लेनदेन, मोबाइल डेटा, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच कर रही है। जरूरत पड़ने पर अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।
पहले भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
इस मामले में पहले ही कई आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने शिकायतों के बाद SIT का गठन किया था, जिसके बाद जांच लगातार आगे बढ़ रही है। अब जमीन से जुड़े पहलुओं को शामिल किए जाने के बाद जांच का दायरा और व्यापक हो गया है।
- SIT किन बिंदुओं पर कर रही है जांच?
- चढ़ावे से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन।
- संदिग्ध जमीन खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री रिकॉर्ड।
- आरोपियों के बैंक खाते और डिजिटल ट्रांजेक्शन।
- अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका।
- आर्थिक अनियमितताओं के संभावित नेटवर्क की जांच।
आगे क्या होगा?
SIT आने वाले दिनों में कई और लोगों से पूछताछ कर सकती है। यदि जांच में जमीन खरीद या वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े नए तथ्य सामने आते हैं, तो मामले में नई धाराएं जोड़ने और अतिरिक्त गिरफ्तारियों की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर कड़ी को जोड़कर साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।

