PM Modi Vadodara Speech: पीएम मोदी ने वडोदरा में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को लेकर विपक्ष पर तंज कसा। ‘नाराज फूफा जी’ वाले बयान और Gen Z को दिए संदेश की पूरी कहानी जानें।
PM Modi in Vadodara: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा में ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को लेकर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने युवाओं और Gen Z को संबोधित करते हुए पिछली सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाए और अपने भाषण में विपक्ष के लिए ‘नाराज फूफा जी’ जैसे तंज का इस्तेमाल किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में आयोजित ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और पिछली सरकारों पर परियोजनाओं को लंबे समय तक लटकाने का आरोप लगाया।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में खास तौर पर Gen Z और युवाओं को संबोधित किया। इसी दौरान उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि अब ‘नाराज फूफा जी’ इस बात पर सवाल उठाएंगे कि फ्रेट कॉरिडोर बनने से ट्रक वालों का क्या होगा।
‘अभी जो नाराज फूफा जी हैं, वो चिल्लाएंगे…’
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि युवाओं को यह समझना चाहिए कि पहले बड़े प्रोजेक्ट किस तरह लंबे समय तक अटके रहते थे।
उन्होंने कहा कि 7-8 साल में एक किलोमीटर फ्रेट कॉरिडोर पर भी काम नहीं हो पाया था। पीएम मोदी ने तंज कसते हुए कहा कि अगर उसी गति से देश चलता रहता तो आने वाली कई पीढ़ियों के बाद भी यह काम पूरा नहीं हो पाता।
इसी दौरान उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “अभी जो नाराज फूफा जी हैं, वो चिल्लाएंगे कि ट्रक वालों का क्या होगा। ट्रक कहां जाएंगे?”
पीएम मोदी ने आगे कहा कि अब ‘फूफा जी’ को भी काम मिल गया है और फ्रेट कॉरिडोर के जरिए बड़ी मात्रा में सामान देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक तेजी से पहुंचाया जा सकेगा।
Gen Z का जिक्र कर पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि इस परियोजना पर 2004 में विचार शुरू हुआ था। उस समय आज की Gen Z के कई युवा पैदा भी नहीं हुए थे।
उन्होंने कहा कि 2006 में परियोजना के लिए एक विशेष कंपनी बनाई गई, लेकिन 2014 तक फाइलें एक जगह से दूसरी जगह घूमती रहीं।
पीएम मोदी ने अपने अंदाज में कहा कि इन फाइलों को भी कोई ‘डेडिकेटेड कॉरिडोर’ नहीं मिला। उनके मुताबिक, उस समय फाइलें “अटकती, लटकती और भटकती” थीं।
उन्होंने कहा कि 2014 में जनता ने उन्हें गुजरात से दिल्ली भेजा और इसके बाद परियोजनाओं को पूरा करने की दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ा।
‘12 साल में बदली देश की काम करने की संस्कृति’
पीएम मोदी ने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर केवल एक रेलवे परियोजना नहीं बल्कि 21वीं सदी के भारत की बदलती कार्यसंस्कृति का उदाहरण है।
उन्होंने दावा किया कि बीते 12 वर्षों में देश में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की गति में बदलाव आया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि फ्रेट कॉरिडोर के साथ-साथ उन इलाकों तक भी रेल पहुंच रही है, जहां कई दशकों तक रेल कनेक्टिविटी नहीं थी।
आदिवासी क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने का दावा
प्रधानमंत्री ने गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के आदिवासी क्षेत्रों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों को भी रेल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।
पीएम मोदी ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले बजट में एक-दो नई ट्रेनों की घोषणा होती थी और लंबे समय तक उसका प्रचार किया जाता था। इसके विपरीत, उन्होंने कहा कि अब देश में लगातार नई ट्रेनें शुरू की जा रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वडोदरा के कार्यक्रम के दौरान भी कई नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई।
2,800 किलोमीटर से ज्यादा DFC प्रोजेक्ट पूरा होने का दावा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की आखिरी कड़ियां भी जुड़ गई हैं और अब 2,800 किलोमीटर से अधिक का डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट पूरा हो चुका है।
उन्होंने इसे भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह परियोजना देश की बदलती कार्यसंस्कृति का प्रमाण है।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का उद्देश्य मालगाड़ियों के लिए समर्पित रेल मार्ग उपलब्ध कराना है, जिससे माल परिवहन की क्षमता और गति को बढ़ाया जा सके। पीएम मोदी ने इसी आधार पर परियोजना को देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से जोड़ते हुए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
PM मोदी के ‘फूफा जी’ वाले तंज की चर्चा
वडोदरा में पीएम मोदी का ‘नाराज फूफा जी’ वाला बयान उनके राजनीतिक तंज का हिस्सा रहा। उन्होंने इसका इस्तेमाल उन लोगों के लिए किया, जो फ्रेट कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं को लेकर सवाल उठाते हैं।
हालांकि, ‘फूफा जी’ कहकर प्रधानमंत्री ने किसी व्यक्ति या नेता का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया। उनके बयान का संदर्भ विपक्ष और परियोजना को लेकर उठाए जाने वाले सवालों से जुड़ा था।

