PM मोदी ने नए NDA सांसदों से की मुलाकात, बोले- ‘चिंता की कोई बात नहीं, मैं आपके साथ हूं’

संसद में हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NDA के नए सांसदों से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि “चिंता की कोई बात नहीं, मैं आपके साथ हूं।” जानिए बैठक में क्या-क्या हुआ और सांसदों को क्या संदेश दिया गया।

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान जारी गतिरोध और विपक्ष के हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नए सांसदों के साथ अपने आधिकारिक आवास पर नाश्ते पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सांसदों से संसद की कार्यवाही में सक्रिय रूप से भाग लेने, अपने राज्यों के विकास पर ध्यान केंद्रित करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने की अपील की।

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट), एनसीपी (अजित पवार गुट), एनसीपीआई और हाल ही में एनडीए में शामिल हुए कुछ सांसद भी मौजूद थे। इनमें तृणमूल कांग्रेस (TMC) और उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना से आए सांसद भी शामिल बताए गए।

‘संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंदिर है’

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंदिर है और यहां गंभीर बहस व सार्थक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने हाल के दिनों में लगातार हो रहे हंगामे पर चिंता जताते हुए कहा कि इसकी वजह से नए सांसदों को अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह नए जनप्रतिनिधियों के साथ न्याय नहीं है और संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलनी चाहिए ताकि जनता से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो सके।

सांसदों को दिया भरोसा- ‘मैं आपके साथ हूं’

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने नए सांसदों को भरोसा दिलाते हुए कहा,

“चिंता की कोई बात नहीं, मैं आपके साथ हूं। NDA एक परिवार है। हर सहयोगी दल का सम्मान किया जाएगा और हर सांसद को काम करने का अवसर मिलेगा।”

उन्होंने विशेष रूप से उन सांसदों को भी आश्वस्त किया जो हाल ही में अन्य दलों से एनडीए में शामिल हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी सांसद को स्वयं को अकेला महसूस करने की आवश्यकता नहीं है।

राज्यों के विकास पर दिया विशेष जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों से कहा कि देश की प्रगति राज्यों के विकास से जुड़ी हुई है। उन्होंने सभी सांसदों से अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि यदि किसी विकास परियोजना में कोई समस्या आती है तो सांसद सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से संपर्क कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने सांसदों को किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों के बीच लगातार रहने तथा उनकी समस्याओं को समझने की सलाह दी।

संसद के इतिहास से सीखने की सलाह

प्रधानमंत्री ने सांसदों से संसद के इतिहास, पुराने संसदीय भाषणों और ऐतिहासिक बहसों का अध्ययन करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में उपलब्ध ऐतिहासिक सामग्री का उपयोग अपनी तैयारी और बहसों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए किया जाना चाहिए।

बैठक में शामिल रहे कई सहयोगी दलों के सांसद

सूत्रों के मुताबिक इस नाश्ता बैठक में लगभग 45 सांसद शामिल हुए। इनमें—

  • शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के सांसद
  • एनसीपी (अजित पवार गुट)
  • एनसीपीआई के सांसद
  • हाल ही में एनडीए में शामिल हुए कुछ अन्य सांसद भी मौजूद रहे।

डिनर बैठक के बाद नाश्ता संवाद

यह बैठक प्रधानमंत्री मोदी द्वारा एक दिन पहले भाजपा सांसदों के साथ आयोजित डिनर बैठक के बाद हुई। माना जा रहा है कि मानसून सत्र के दौरान प्रधानमंत्री लगातार विभिन्न सहयोगी दलों के सांसदों से संवाद कर समन्वय मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

बैठक के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने सभी सांसदों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की, उनका हालचाल जाना और संसदीय जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए शुभकामनाएं दीं।