SIPRI Nuclear Weapons Report 2026 के मुताबिक दुनिया में 12,187 परमाणु वॉरहेड्स हैं। रूस 5,420 के साथ टॉप पर, अमेरिका 5,042 के साथ दूसरे और भारत 190 के साथ छठे नंबर पर है।
SIPRI Nuclear Weapons Report 2026: दुनिया में परमाणु हथियारों का जखीरा घटने के बजाय तेजी से आधुनिक हो रहा है। Stockholm International Peace Research Institute (SIPRI) की 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के नौ परमाणु-सशस्त्र देशों के पास जनवरी 2026 तक कुल करीब 12,187 परमाणु वॉरहेड्स थे। इनमें से लगभग 9,745 वॉरहेड्स सैन्य स्टॉकपाइल में थे, जिन्हें संभावित रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है। करीब 4,012 वॉरहेड्स मिसाइलों और विमानों के साथ तैनात थे।
रिपोर्ट के मुताबिक रूस और अमेरिका के पास मिलकर दुनिया के करीब 86 फीसदी परमाणु हथियार हैं। वहीं चीन, भारत और अन्य परमाणु-सशस्त्र देश भी अपने हथियारों और डिलीवरी सिस्टम को लगातार आधुनिक बना रहे हैं।
रूस के पास सबसे ज्यादा परमाणु हथियार
SIPRI के अनुमान के अनुसार रूस करीब 5,420 परमाणु वॉरहेड्स के साथ दुनिया में पहले स्थान पर है। इनमें से करीब 1,796 वॉरहेड्स तैनात माने गए हैं।
रूस के तैनात वॉरहेड्स की संख्या जनवरी 2025 के 1,718 के अनुमान से बढ़कर जनवरी 2026 में 1,796 हो गई। SIPRI के अनुसार यह 2017 के बाद रूस का सबसे ऊंचा अनुमान है और लगातार चौथा साल है जब उसके तैनात वॉरहेड्स की संख्या बढ़ी है।
अमेरिका दूसरे नंबर पर
परमाणु हथियारों के कुल भंडार के मामले में अमेरिका करीब 5,042 वॉरहेड्स के साथ दूसरे स्थान पर है। रूस और अमेरिका दोनों के पास बड़े पैमाने पर परमाणु आधुनिकीकरण कार्यक्रम चल रहे हैं।
SIPRI के मुताबिक दोनों देश मिलकर दुनिया के कुल परमाणु हथियारों का लगभग 86 फीसदी हिस्सा रखते हैं।
चीन तेजी से बढ़ा रहा परमाणु जखीरा
चीन करीब 620 परमाणु वॉरहेड्स के साथ तीसरे स्थान पर है। SIPRI के मुताबिक 2025 के दौरान चीन का अनुमानित परमाणु भंडार 600 से बढ़कर 620 हो गया।
रिपोर्ट में चीन को दुनिया में सबसे तेजी से परमाणु हथियारों का विस्तार करने वाला देश बताया गया है। SIPRI के अनुसार चीन ने अपने परमाणु हथियारों के आधुनिकीकरण और विस्तार की प्रक्रिया तेज कर दी है।
भारत के पास कितने परमाणु हथियार?
SIPRI की ताजा रिपोर्ट में भारत के पास करीब 190 परमाणु वॉरहेड्स होने का अनुमान लगाया गया है। इस आंकड़े के आधार पर भारत दुनिया में छठे स्थान पर है।
भारत के परमाणु हथियारों का अनुमान 2025 के मुकाबले थोड़ा बढ़ा है। SIPRI के मुताबिक भारत ने 2025 के दौरान अपने परमाणु शस्त्रागार के विस्तार के साथ-साथ नए प्रकार के परमाणु डिलीवरी सिस्टम विकसित करने का काम जारी रखा।
भारत के 12 वॉरहेड्स तैनात होने का अनुमान
कुल 190 वॉरहेड्स और तैनात वॉरहेड्स के आंकड़े को अलग-अलग समझना जरूरी है।
SIPRI के अनुसार भारत के लगभग 12 परमाणु वॉरहेड्स को मिसाइलों के साथ तैनात माना गया है। यह भारत के कुल अनुमानित 190 वॉरहेड्स का हिस्सा है। SIPRI का कहना है कि चीन और भारत अब शांतिकाल में भी सीमित संख्या में मिसाइलों पर लगे वॉरहेड्स को तैनात कर सकते हैं।
भारत अपने परमाणु सिस्टम को कर रहा है आधुनिक
SIPRI के मुताबिक भारत का परमाणु आधुनिकीकरण कार्यक्रम तेजी से लंबी दूरी तक मार करने वाले हथियारों के विकास की ओर बढ़ रहा है, जिनकी क्षमता चीन तक लक्ष्यों को कवर करने की हो सकती है। साथ ही पाकिस्तान के साथ भारत की लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक प्रतिस्पर्धा भी उसकी परमाणु नीति में महत्वपूर्ण बनी हुई है।
भारत नए परमाणु डिलीवरी सिस्टम विकसित करने के साथ मौजूदा जमीन, हवा और समुद्र आधारित प्रणालियों को भी आधुनिक बना रहा है।
दुनिया में कुल परमाणु हथियारों की संख्या घटी, लेकिन खतरा बढ़ा
SIPRI के अनुसार जनवरी 2025 में दुनिया में अनुमानित 12,241 परमाणु वॉरहेड्स थे। जनवरी 2026 तक यह संख्या घटकर 12,187 रह गई।
लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि दुनिया परमाणु हथियारों से दूर हो रही है। SIPRI के अनुसार कुल संख्या में कमी मुख्य रूप से अमेरिका और रूस द्वारा पुराने, रिटायर किए गए वॉरहेड्स को नष्ट किए जाने की वजह से हुई है। वहीं नए हथियारों का विकास और मौजूदा हथियारों का आधुनिकीकरण जारी है।
रिपोर्ट यह भी संकेत देती है कि पुराने वॉरहेड्स को नष्ट करने की गति कम हो रही है और आने वाले समय में नए वॉरहेड्स के वैश्विक स्टॉकपाइल में शामिल होने की रफ्तार पुराने हथियारों के नष्ट होने की रफ्तार से अधिक हो सकती है।
हाई ऑपरेशनल अलर्ट पर कितने परमाणु हथियार?
SIPRI के अनुसार लगभग 2,100 से 2,200 तैनात परमाणु वॉरहेड्स बैलिस्टिक मिसाइलों पर हाई ऑपरेशनल अलर्ट की स्थिति में रखे गए थे।
इनमें से लगभग सभी रूस और अमेरिका के थे। फ्रांस और ब्रिटेन के पास भी कुछ वॉरहेड्स हाई अलर्ट स्थिति में हैं। SIPRI का कहना है कि चीन और भारत अब शांतिकाल में सीमित संख्या में मिसाइल-माउंटेड वॉरहेड्स तैनात कर सकते हैं।
किस देश के पास कितने परमाणु हथियार?
SIPRI Yearbook 2026 के अनुसार जनवरी 2026 का अनुमानित कुल परमाणु भंडार इस प्रकार है:
| रैंक | देश | अनुमानित परमाणु वॉरहेड्स |
|---|---|---|
| 1 | 🇷🇺 रूस | 5,420 |
| 2 | 🇺🇸 अमेरिका | 5,042 |
| 3 | 🇨🇳 चीन | 620 |
| 4 | 🇫🇷 फ्रांस | 370 |
| 5 | 🇬🇧 ब्रिटेन | 225 |
| 6 | 🇮🇳 भारत | 190 |
| 7 | 🇵🇰 पाकिस्तान | 170 |
| 8 | 🇮🇱 इजरायल | 90 |
| 9 | 🇰🇵 उत्तर कोरिया | 60 |
नोट: ये SIPRI के अनुमान हैं। परमाणु हथियारों की वास्तविक संख्या अधिकांश देशों द्वारा सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं की जाती। SIPRI भी अपने आंकड़ों को उपलब्ध सार्वजनिक सूचनाओं और विश्लेषण के आधार पर अनुमानित करता है।
भारत-पाकिस्तान के बीच कितना अंतर?
SIPRI के आंकड़ों के मुताबिक भारत के पास करीब 190 और पाकिस्तान के पास करीब 170 परमाणु वॉरहेड्स हैं। यानी भारत का अनुमानित भंडार पाकिस्तान से करीब 20 वॉरहेड्स अधिक है। हालांकि दोनों देशों के परमाणु हथियारों की संख्या के साथ-साथ उनके डिलीवरी सिस्टम और रणनीतिक क्षमता को भी समझना जरूरी है।
SIPRI के अनुसार पाकिस्तान भी नए डिलीवरी सिस्टम विकसित कर रहा है और आने वाले वर्षों में उसका परमाणु शस्त्रागार बढ़ सकता है।
क्यों महत्वपूर्ण है SIPRI की यह रिपोर्ट?
SIPRI Yearbook 2026 के मुताबिक दुनिया के सभी नौ परमाणु-सशस्त्र देश 2025 में अपने परमाणु शस्त्रागार को मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में काम करते रहे। रिपोर्ट में इसे ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना गया है, जब परमाणु हथियार नियंत्रण से जुड़े समझौतों और रणनीतिक संवाद को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
इसलिए दुनिया में कुल परमाणु वॉरहेड्स की संख्या में मामूली गिरावट के बावजूद परमाणु हथियारों का आधुनिकीकरण और नए डिलीवरी सिस्टम का विकास वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ी चिंता बना हुआ है।

