Nana Patekar Death: नाना पाटेकर 56 साल की उम्र तक रोज करीब 60 सिगरेट पीते थे। एक भावनात्मक घटना के बाद उन्होंने Smoking छोड़ दी और फिटनेस पर ध्यान दिया। जानें उनकी पूरी कहानी।
Nana Patekar Death: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। 8 अक्टूबर 2026 की सुबह गोवा स्थित उनके घर पर उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया। उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक CPR देकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें सुबह 5:20 बजे मृत घोषित किया गया।
नाना पाटेकर के निधन के बाद जहां पूरा फिल्म जगत उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है, वहीं उनकी फिटनेस को लेकर भी पुरानी बातें फिर चर्चा में हैं। कभी रोजाना करीब 60 सिगरेट पीने वाले नाना ने 56 साल की उम्र में धूम्रपान छोड़ दिया था। इसके बाद उन्होंने अपनी दिनचर्या और शारीरिक गतिविधियों पर खास ध्यान दिया।
45 मिनट तक दी गई CPR, फिर भी नहीं बच सके नाना
रिपोर्टों के मुताबिक, नाना पाटेकर को गोवा स्थित उनके आवास पर बेहोशी की हालत में पाया गया। इसके बाद उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने लगभग 45 मिनट तक लगातार CPR देकर उन्हें रिवाइव करने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
मणिपाल अस्पताल के डॉ. शेखर सालकर ने उनकी मौत की पुष्टि की। इस मामले में मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जानकारी भी सामने आई है।
फिटनेस देखकर फैंस भी रह जाते थे हैरान
नाना पाटेकर की उम्र बढ़ने के बावजूद उनकी फिटनेस को लेकर अक्सर चर्चा होती थी। हाल के महीनों में उनका एक वर्कआउट वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था।
फोटोग्राफर और प्रोड्यूसर अतुल कसबेकर ने नाना पाटेकर का एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें अभिनेता पैरेलल बार्स पर ट्राइसेप डिप्स करते नजर आए थे। बताया गया था कि उन्होंने लगातार 15 डिप्स किए थे।
वीडियो में उनकी फुर्ती और ताकत देखकर सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी खूब तारीफ की थी। कई लोगों ने उनके लोकप्रिय किरदार उदय शेट्टी को याद करते हुए मजेदार कमेंट भी किए थे।
रोज डेढ़ से दो घंटे देते थे फिटनेस को
नाना पाटेकर ने अलग-अलग मौकों पर अपनी दिनचर्या और फिटनेस को लेकर बात की थी। उन्होंने बताया था कि वह रोजाना करीब डेढ़ से दो घंटे शारीरिक गतिविधियों के लिए देते थे।
उनकी एक्सरसाइज सिर्फ जिम तक सीमित नहीं थी। इसमें पारंपरिक व्यायाम और सूर्य नमस्कार जैसी गतिविधियां भी शामिल थीं।
नाना के लिए फिटनेस सिर्फ अच्छा दिखने का जरिया नहीं थी। वह इसे शरीर को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाए रखने से जोड़कर देखते थे।
दिन की शुरुआत एक्सरसाइज और प्रार्थना से
नाना पाटेकर अपनी सादगी के लिए भी जाने जाते थे। उनकी दिनचर्या में व्यायाम के साथ प्रार्थना का भी स्थान था।
उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह प्रार्थना में भौतिक चीजों की मांग करने के बजाय सोच में स्पष्टता और अच्छा दिल मांगने को ज्यादा महत्व देते थे।
उनकी जीवनशैली में फिटनेस के साथ मानसिक मजबूती और सादगी भी महत्वपूर्ण हिस्सा रही।
कभी रोज 60 सिगरेट पीते थे नाना पाटेकर
नाना पाटेकर की फिटनेस की कहानी का एक दूसरा पहलू भी है। अभिनेता ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि वह कभी रोजाना करीब 60 सिगरेट पीते थे और यह आदत 56 साल की उम्र तक रही।
उन्होंने बताया था कि वह दिन में 20-20 सिगरेट के तीन पैकेट तक पी जाते थे। यहां तक कि सिगरेट उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी थी।
लेकिन एक भावनात्मक घटना ने उन्हें धूम्रपान छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया।
एक महिला की बात ने बदल दी जिंदगी
नाना पाटेकर ने अपने पुराने इंटरव्यू में बताया था कि उनके एक करीबी पारिवारिक मित्र ने अपने बेटे को खो दिया था। उस महिला के दुख ने नाना को भीतर तक प्रभावित किया।
एक दिन जब वह खांस रहे थे, तब उस महिला ने उनसे पूछा कि “अब और क्या-क्या देखना है मुझे?” नाना के मुताबिक, इस सवाल ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया।
इसके बाद उन्होंने सिगरेट छोड़ने का फैसला किया और अपनी इस आदत से पूरी तरह दूरी बना ली।
60 सिगरेट से अनुशासित जिंदगी तक का सफर
नाना पाटेकर की जिंदगी में यह बदलाव अचानक नहीं था, बल्कि उनकी जीवनशैली में अनुशासन का हिस्सा बन गया। धूम्रपान छोड़ने के बाद उन्होंने फिटनेस और शारीरिक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या में बनाए रखा।
हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि उनकी फिटनेस या धूम्रपान छोड़ने की वजह से बाद में उन्हें किसी खास बीमारी से सुरक्षा मिली। किसी व्यक्ति की पुरानी धूम्रपान की आदत, बाद की फिटनेस और उसके निधन के कारण के बीच सीधा व्यक्तिगत निष्कर्ष निकालना चिकित्सकीय रूप से उचित नहीं है।
नाना पाटेकर की फिटनेस से क्या सीख मिलती है?
नाना पाटेकर की कहानी का सबसे अहम पहलू उनकी फिटनेस से ज्यादा जीवनशैली में बदलाव है। लंबे समय तक भारी धूम्रपान करने के बाद उसे छोड़ना और नियमित शारीरिक गतिविधि को अपनाना उनके अपने अनुभव का हिस्सा था।
हालांकि, फिट दिखना हमेशा अंदरूनी स्वास्थ्य की पूरी तस्वीर नहीं बताता। कार्डियक अरेस्ट अचानक भी हो सकता है और इसके कई संभावित कारण हो सकते हैं। नाना पाटेकर के मामले में अस्पताल ने कार्डियक अरेस्ट को मौत का कारण बताया है, जबकि इसके विशिष्ट ट्रिगर की जानकारी अलग से स्थापित नहीं की गई है।
नाना पाटेकर का निधन: सिनेमा जगत में शोक
नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में करीब पांच दशक तक काम किया। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘वेलकम’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में उनके अलग-अलग तरह के किरदारों ने उन्हें दर्शकों के बीच खास पहचान दिलाई।
उनका निधन भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी क्षति है। 75 वर्ष की उम्र में उनके निधन के बाद उनके अभिनय के साथ-साथ उनकी सादगी, अनुशासन और जिंदगी के प्रति उनके नजरिए को भी याद किया जा रहा है।

