ईरान युद्ध में अमेरिका अलग-थलग? Donald Trump का बड़ा बयान— “मुझे किसी की जरूरत नहीं”

ईरान युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान—सहयोगी देशों ने साथ नहीं दिया, लेकिन अमेरिका अकेले ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा करेगा। जानें पूरी खबर।

वॉशिंगटन/पश्चिम एशिया: United States और Iran के बीच जारी युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सहयोगी देशों पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने साफ कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित करने के लिए मदद मांगने के बावजूद कई देशों ने साथ नहीं दिया, लेकिन अमेरिका अकेले भी इस स्थिति को संभाल सकता है।

ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है और यह संकेत देता है कि अमेरिका इस संघर्ष में खुद को काफी हद तक अकेला महसूस कर रहा है।

सहयोगी देशों ने नहीं दिया साथ

Donald Trump ने बताया कि उन्होंने कई देशों से संपर्क कर वॉरशिप भेजने की अपील की थी, ताकि तेल टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

लेकिन:

  • Germany
  • Spain
  • Italy

जैसे देशों ने साफ इनकार कर दिया।

वहीं United Kingdom ने भी शुरुआत में मदद देने से मना कर दिया और बाद में ऑफर किया, जिसे ट्रंप ने ठुकरा दिया।

ट्रंप ने कहा:

“हमें किसी की जरूरत नहीं, हमारी मिलिट्री दुनिया की सबसे ताकतवर है।”

NATO पर भी साधा निशाना

ट्रंप ने NATO पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सहयोगी देश संकट के समय मदद नहीं करते, तो NATO का भविष्य “बहुत बुरा” हो सकता है।

उनका यह बयान अमेरिका और उसके पारंपरिक सहयोगियों के बीच बढ़ते मतभेदों को उजागर करता है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्यों है इतना अहम?

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है।

  • यहां से करीब 20% वैश्विक तेल सप्लाई गुजरती है
  • ईरान द्वारा इसे बंद किए जाने से वैश्विक बाजार में हलचल मच गई है
  • 15 से ज्यादा जहाजों पर हमलों की खबरें सामने आई हैं

ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने साफ कहा है कि यह रास्ता बंद रहेगा।

तेल बाजार और वैश्विक असर

ईरान की चेतावनी के बाद तेल की कीमतों में भारी उछाल की आशंका जताई जा रही है।

  • कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं
  • इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है
  • भारत जैसे तेल आयातक देशों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है

जंग की शुरुआत और बढ़ता तनाव

यह संघर्ष 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ, जब United States और Israel ने मिलकर Iran पर बड़ा हमला किया।

इस ऑपरेशन में ईरान के शीर्ष नेता Ali Khamenei समेत कई बड़े अधिकारियों के मारे जाने का दावा किया गया।

इसके जवाब में ईरान ने:

  • इजरायल पर मिसाइल हमले
  • अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन अटैक

किए, जिससे पूरा मध्य पूर्व युद्ध की चपेट में आ गया।

क्या अमेरिका अकेले लड़ेगा जंग?

ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका अब अकेले ही अपनी नौसेना के जरिए तेल जहाजों को सुरक्षा देगा।

उन्होंने कहा:

“मैं किसी पर दबाव नहीं डालता, क्योंकि हमें किसी की जरूरत नहीं है।”

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह युद्ध अगर लंबा खिंचता है, तो अमेरिका के लिए भी इसे अकेले संभालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।