ईरान युद्ध के बीच अमेरिका ने Jones Act में 60 दिन की छूट क्यों दी? जानिए 100 साल पुराने इस कानून का महत्व, असर और ऊर्जा संकट से जुड़ी पूरी जानकारी।
डिजिटल डेस्क | इंटरनेशनल/इकोनॉमी : मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ऊर्जा संकट के बीच अमेरिका ने एक सदी पुराने समुद्री कानून Jones Act में अस्थायी छूट देने का बड़ा फैसला लिया है। Donald Trump प्रशासन ने 60 दिनों के लिए इस कानून में ढील देकर घरेलू ईंधन आपूर्ति को मजबूत करने और बढ़ती कीमतों को काबू में लाने की कोशिश की है।
क्या है ‘Jones Act’?
Jones Act असल में Merchant Marine Act 1920 का हिस्सा है, जिसे प्रथम विश्व युद्ध के बाद लागू किया गया था।
इस कानून के तहत:
- अमेरिका के अंदर दो बंदरगाहों के बीच माल ढोने वाले जहाज
- अमेरिका में बने होने चाहिए
- अमेरिकी स्वामित्व में होने चाहिए
- अमेरिकी झंडा होना चाहिए
- अमेरिकी क्रू द्वारा संचालित होने चाहिए
इसका उद्देश्य था कि अमेरिका युद्ध या संकट के समय विदेशी जहाजों पर निर्भर न रहे।
अब क्यों दी गई 60 दिन की छूट?
ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष के कारण Strait of Hormuz में बाधा आ गई है। यह दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग है, जहां से करीब 20% वैश्विक तेल और LNG सप्लाई गुजरती है।
इस संकट के चलते:
- तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ीं
- अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में 25% तक उछाल आया
इसी दबाव को कम करने के लिए Jones Act में 60 दिन की छूट दी गई है।
इस छूट से क्या बदलेगा?
अब 60 दिनों तक:
- विदेशी झंडे वाले जहाज भी अमेरिकी बंदरगाहों के बीच माल ढो सकेंगे
- घरेलू सप्लाई चेन मजबूत होगी
- ईंधन की उपलब्धता बढ़ेगी
किन चीजों का परिवहन होगा?
- कच्चा तेल, पेट्रोल, डीजल, जेट फ्यूल
- प्राकृतिक गैस (LNG)
- उर्वरक (Fertilizers)
- कोयला और अन्य ऊर्जा संसाधन
ऊर्जा संकट से निपटने के लिए और क्या कदम?
अमेरिकी सरकार ने सिर्फ Jones Act में छूट ही नहीं दी, बल्कि कई बड़े फैसले भी लिए हैं:
1. रणनीतिक भंडार से तेल जारी
अमेरिका ने Strategic Petroleum Reserve (SPR) से करीब 17.2 करोड़ बैरल तेल बाजार में उतारा है।
2. वेनेजुएला पर ढील
- अमेरिकी कंपनियों को सीमित स्तर पर वेनेजुएला की तेल कंपनी PDVSA के साथ काम करने की अनुमति
- तेल सप्लाई बढ़ाने की कोशिश
3. पर्यावरण नियमों में अस्थायी राहत
- ग्रीष्मकालीन पेट्रोल मानकों में ढील
- उत्पादन बढ़ाने पर जोर
Jones Act क्यों बना था?
प्रथम विश्व युद्ध (1914–1918) के बाद अमेरिका को एहसास हुआ कि:
- युद्ध के समय विदेशी जहाजों पर निर्भरता जोखिम भरी है
- सैन्य और सप्लाई ऑपरेशन के लिए अपने जहाज जरूरी हैं
इसीलिए अमेरिकी सीनेटर वेस्ली जोन्स ने इस कानून को लागू करवाया, ताकि देश का समुद्री बेड़ा मजबूत किया जा सके।
आगे क्या होगा?
हालांकि सरकार के इन कदमों से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन:
- तेल बाजार अभी भी अस्थिर है
- सप्लाई चेन पर दबाव बना हुआ है
- Strait of Hormuz में स्थिति सामान्य होना बेहद जरूरी है
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबा खिंचता है, तो वैश्विक ऊर्जा संकट और गहरा सकता है।
Jones Act में दी गई यह अस्थायी छूट एक आपातकालीन कदम है, जिसका मकसद अमेरिका में ऊर्जा संकट को नियंत्रित करना है। हालांकि इसका असर अल्पकालिक हो सकता है, लेकिन असली समाधान मिडिल ईस्ट में स्थिरता आने पर ही संभव है।

