CJP Protest: ‘धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहिए’, सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने के बाद भी अड़ी CJP, अभिजीत दीपके ने दोहराई मांग

NEET पेपर लीक मामले में सोनम वांगचुक द्वारा भूख हड़ताल समाप्त किए जाने के बाद भी CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। जानिए अभिजीत दीपके और CJP नेताओं ने क्या कहा।

नई दिल्ली: NEET पेपर लीक विवाद को लेकर चल रहे देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार से मिले आश्वासन के बाद 26 दिनों से जारी अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर दिया है। हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने स्पष्ट कर दिया है कि आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है और संगठन अपनी प्रमुख मांगों पर पहले की तरह कायम रहेगा।

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए एक बार फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने के लिए मंत्री का इस्तीफा आवश्यक है।

CJP प्रवक्ता दीपक बालियान ने क्या कहा?

PTI को दिए गए एक इंटरव्यू में CJP के प्रवक्ता दीपक बालियान ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है।

उन्होंने कहा कि—

“जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तब तक शिक्षा व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है।”

बालियान का आरोप है कि शिक्षा मंत्रालय के कार्यकाल में हुई कथित लापरवाहियों की वजह से कई छात्रों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा और कई परिवार गंभीर संकट से गुजरे।

छात्रों की मेहनत पर पानी फिर जाता है’

दीपक बालियान ने कहा कि देशभर के लाखों छात्र वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। कई परिवार इसके लिए कर्ज तक लेते हैं। लेकिन जब पेपर लीक जैसी घटनाएं होती हैं, तो छात्रों की मेहनत और भविष्य दोनों प्रभावित होते हैं।

उन्होंने कहा कि छात्रों में इस मुद्दे को लेकर गहरा आक्रोश है और सरकार को जवाबदेही तय करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

सोनम वांगचुक के साथ हुए व्यवहार पर भी उठाए सवाल

CJP प्रवक्ता ने सोनम वांगचुक के अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए था।

उन्होंने आरोप लगाया कि वांगचुक को जिस तरीके से जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल ले जाया गया, वह उचित नहीं था और इससे लोकतांत्रिक विरोध की भावना को ठेस पहुंची।

20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई का भी किया जिक्र

दीपक बालियान ने 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फास्ट-ट्रैक कोर्ट की बात कर रही है, तो शिक्षा मंत्री की जवाबदेही पर चर्चा क्यों नहीं हो रही है।

उन्होंने कहा कि—

“अगर सरकार सचमुच शिक्षा व्यवस्था में सुधार चाहती है, तो जवाबदेही तय करना भी उतना ही जरूरी है।”

PM मोदी ने किया था फास्ट-ट्रैक कोर्ट का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में घोषणा की थी कि पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की व्यवस्था की जाएगी।

इसके बावजूद CJP का कहना है कि केवल कानूनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा

सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त होने के बावजूद CJP ने संकेत दिए हैं कि आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। संगठन का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों—विशेष रूप से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार—पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा।