Central Board of Secondary Education का बड़ा फैसला: नकल करते पकड़े गए तो पास होना होगा मुश्किल

CBSE ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में नकल पर सख्त नियम लागू किए हैं। अब नकल करते पकड़े जाने पर अतिरिक्त विषय के अंकों से पास होने की सुविधा खत्म होगी और छात्र को उसी विषय की दोबारा परीक्षा देनी होगी।

नई दिल्ली: बोर्ड परीक्षाओं में नकल पर सख्ती बढ़ाते हुए Central Board of Secondary Education (CBSE) ने बड़ा नियम परिवर्तन किया है। नए नियम के अनुसार यदि कोई छात्र परीक्षा के दौरान नकल करते हुए पकड़ा जाता है तो उसे अब अन्य विषयों के अंकों के आधार पर पास होने की सुविधा नहीं मिलेगी। ऐसे छात्रों को उसी विषय की परीक्षा दोबारा देनी होगी।

सीबीएसई के इस फैसले का उद्देश्य बोर्ड परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता को और मजबूत बनाना है। यह नया नियम कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में वर्ष 2026 से लागू होगा।

पहले क्या था नियम

पहले सीबीएसई बोर्ड में यह व्यवस्था थी कि यदि कोई छात्र किसी विषय में नकल करते हुए पकड़ा जाता था और उसका परिणाम रद्द हो जाता था, तो वह अपने अतिरिक्त यानी छठे या सातवें विषय के अंकों से उस विषय को बदल सकता था।

इस व्यवस्था के कारण कई छात्र कुल अंकों के आधार पर पास हो जाते थे।

सीबीएसई के रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2025 की बोर्ड परीक्षाओं में लगभग 30 से 40 प्रतिशत छात्र ऐसे थे जिन्हें अनुचित साधन का उपयोग करते पकड़े जाने के बावजूद अतिरिक्त विषय के अंकों की मदद से पास घोषित कर दिया गया था।

सीबीएसई ने क्यों बदले नियम

सीबीएसई की समीक्षा बैठक में पाया गया कि अतिरिक्त विषय के अंकों से पास होने की व्यवस्था का कई छात्र गलत फायदा उठा रहे थे।

इससे परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर असर पड़ रहा था।

इसी कारण बोर्ड ने नकल के मामलों में सख्त कार्रवाई का प्रावधान लागू करने का निर्णय लिया।

अब क्या होगा नया नियम

सीबीएसई द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार:

  • यदि कोई छात्र परीक्षा के दौरान नकल करते हुए पकड़ा जाता है, तो उस विषय का परिणाम तुरंत रद्द कर दिया जाएगा।
  • उस विषय को छठे या सातवें विषय के अंकों से बदलने की अनुमति नहीं होगी।
  • ऐसे छात्रों को कम्पार्टमेंट श्रेणी में रखा जाएगा।
  • छात्र को उसी विषय की पुनः परीक्षा (Re-exam) देनी होगी।

छात्रों के लिए जरूरी सलाह

सीबीएसई के इस फैसले से साफ संकेत मिलता है कि बोर्ड परीक्षाओं में ईमानदारी और अनुशासन बेहद महत्वपूर्ण है।

यदि कोई छात्र नकल करते हुए पकड़ा जाता है तो उसे सीधे तौर पर नुकसान उठाना पड़ेगा और उसे उसी विषय की परीक्षा फिर से देनी पड़ेगी।

इसलिए छात्रों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा की तैयारी ईमानदारी से करें और किसी भी तरह के अनुचित साधनों का इस्तेमाल न करें।