बिहार के सिमाई क्षेत्रों में नेपाली रेडियो कि धुम मची है नेपाल के बडे़ व्यवसायी वर्ग बड़ी ही चालाकी से सीमा पर सटे अपने शहरों बाजारों में FM लगा प्रति माह लाखों रूपये कमा रहे हैं। उन रेडियो की क्षमता इतनी है कि भारत के लगभग बीस से तीस किलोमीटर अन्दर तक केवल नेपाली FM ही बजता है। ऐसे मे भारतीय व्यवसायीयांे का प्रचार प्रसार का सारा जिम्मा नेपाली FM पर ही है। सभी FM के दलाल भारतीय व्यवसायीयों के पास पहुंच प्रचार प्रसार हेतु विज्ञापन सामग्री व पैसे की तसीली करते है।
इस प्रकार प्रचार के माध्यम से प्रतिमाह लाखों रूपये भारतीय नोट विदेशों में जा रहे हैं। जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था पर काफी बुरा असर पड़ रहा है वही इनके द्वारा भारत में भी समाचार संकलन हेतु संवाददाता बहाल किए गए हैं जो अपने देश कि छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी खबरों को परोक्ष रूप से नेपाल के माध्यम चिन तक पहुंचा रहा है। लेकिन सरकार न जाने किन कारणों से कुंभकरण निन्द्रा में सोयी है न जाने क्यू सरकार द्वारा इसके विरूध कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। वहीं इन FM के माध्यमों से केवल अस्लील एवं फूहरता परोसा जाता है सिमा क्षेत्र के लोग आकाशवाणी और BBC को भूलते जा रहे है वही प्रबुध लोग रेडियो से परहेज करने लगे है।
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