कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात के दौरान भारतीय बॉक्सर नरेंद्र बरवाल ने पाकिस्तानी मुक्केबाज से जुड़ा दिलचस्प किस्सा साझा किया। उनकी बात सुनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हंस पड़े।
नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर मुलाकात की। इस दौरान खिलाड़ियों ने अपने अनुभव साझा किए। मुलाकात के दौरान भारतीय मुक्केबाज नरेंद्र बरवाल ने पाकिस्तान के एक बॉक्सर से जुड़ा दिलचस्प किस्सा सुनाया, जिसे सुनकर प्रधानमंत्री मोदी भी मुस्कुराए बिना नहीं रह सके।
भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक सहित कुल 39 पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। इसी उपलब्धि पर प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उनका उत्साह बढ़ाया।
पाकिस्तानी मुक्केबाज से हुई थी भिड़ंत
बातचीत के दौरान सिल्वर मेडल विजेता मुक्केबाज नरेंद्र बरवाल ने बताया कि वर्ष 2015 के वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स में उनकी पहली भिड़ंत पाकिस्तान के एक मुक्केबाज से हुई थी। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता से पहले भारतीय सेना के अधिकारियों ने उनसे कहा था कि “किसी भी हाल में पाकिस्तान से हारना नहीं है।”
नरेंद्र ने बताया कि उन्होंने पहला मुकाबला 4-1 से जीता। इसके बाद दूसरे मुकाबले में भी पाकिस्तान के मुक्केबाज को 3-2 से हराया, हालांकि मुकाबले के दौरान दोनों खिलाड़ियों के सिर आपस में टकरा गए, जिससे दोनों घायल हो गए।
अस्पताल में पाकिस्तानी बॉक्सर ने कही दिलचस्प बात
घटना के बाद दोनों खिलाड़ियों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। नरेंद्र बरवाल ने बताया कि उनके साथ भारतीय सेना के कोच नरेंद्र राणा भी मौजूद थे।
नरेंद्र ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि उस समय आप देश के प्रधानमंत्री बन चुके थे। अस्पताल में पाकिस्तानी मुक्केबाज ने उनसे मजाकिया अंदाज में कहा—
“आपका नाम नरेंद्र है, आपके कोच का नाम भी नरेंद्र है और आपके प्रधानमंत्री का नाम भी नरेंद्र है। अब तो मुझे नरेंद्र नाम से ही नफरत हो गई है।”
यह किस्सा सुनते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ठहाका लगाकर हंस पड़े और वहां मौजूद सभी खिलाड़ी भी मुस्कुराने लगे।
कॉमनवेल्थ गेम्स में नरेंद्र बरवाल का शानदार प्रदर्शन
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में नरेंद्र बरवाल ने 90+ किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। फाइनल मुकाबले में उन्हें इंग्लैंड के डामार थॉमस के खिलाफ 0-5 से हार का सामना करना पड़ा, जिससे वे स्वर्ण पदक जीतने से चूक गए।
हालांकि पूरे टूर्नामेंट में भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन शानदार रहा। पुरुष और महिला वर्ग को मिलाकर भारतीय बॉक्सिंग टीम ने कुल 10 पदक अपने नाम किए, जो देश के लिए बड़ी उपलब्धि रही।

