ओमान के शिनास बंदरगाह के पास भारतीय जहाज MT जलवीर में आग लगने की घटना सामने आई है। जहाज पर 20 भारतीय सवार हैं। पिछले 3 दिनों में यह तीसरा समुद्री हमला है। जानिए पूरा मामला।
मस्कट/नई दिल्ली: ओमान के समुद्री क्षेत्र में भारतीय जहाजों पर हमलों और दुर्घटनाओं का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। ताजा घटना ओमान के शिनास बंदरगाह के पास सामने आई है, जहां भारतीय जहाज MT जलवीर (MT Jalveer) के इंजन में अचानक आग लग गई। जहाज पर 20 भारतीय नागरिक सवार बताए जा रहे हैं। घटना के बाद जहाज के क्रू ने तत्काल SOS संदेश जारी कर मदद की गुहार लगाई।
समुद्र के बीच जलते हुए जहाज की तस्वीरें सामने आने के बाद चिंता और बढ़ गई है। संबंधित अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और बचाव कार्यों को लेकर स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं।
भारतीय दूतावास ने जारी किया बयान
ओमान में भारतीय दूतावास ने गुरुवार को जारी बयान में बताया कि शिनास बंदरगाह के निकट एक जहाज से जुड़ी गंभीर घटना की सूचना प्राप्त हुई है। दूतावास ने कहा कि मामले की लगातार निगरानी की जा रही है और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया गया है।
दूतावास के अनुसार, फिलहाल घटना के कारणों और इससे हुए नुकसान को लेकर आधिकारिक जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही जहाज पर मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
एक दिन पहले भी हुआ था बड़ा हमला
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब ओमान के तट के पास बुधवार को एक अन्य कमर्शियल जहाज पर हमला हुआ था। उस जहाज पर कुल 28 लोग सवार थे, जिनमें 24 भारतीय नागरिक शामिल थे।
हमले के बाद तीन भारतीय लापता हो गए थे, जबकि 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया। बाद में लापता तीन भारतीयों में से दो के शव मिलने की भी जानकारी सामने आई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सेटेबेलो जहाज पर हमले की भारत ने की थी निंदा
बुधवार को जिस जहाज पर हमला हुआ था, उसका नाम सेटेबेलो (Setebelo) बताया गया था। इस घटना पर भारत सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसकी निंदा की थी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, जहाज पर मौजूद 24 भारतीय क्रू सदस्यों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया। ओमान स्थित भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर राहत और बचाव कार्यों में सहयोग कर रहा है।
हमलों के पीछे क्या है वजह?
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा समूह एम्ब्रे (Ambrey) ने आशंका जताई है कि हालिया घटनाएं क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी से जुड़े अमेरिकी अभियानों के प्रभाव का परिणाम हो सकती हैं।
हालांकि, अब तक किसी संगठन या देश ने इन घटनाओं की जिम्मेदारी नहीं ली है। समुद्री सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हुई हैं।
3 दिनों में तीसरा जहाज निशाने पर
विशेषज्ञों के अनुसार, बीते तीन दिनों के भीतर ओमान और आसपास के समुद्री क्षेत्र में यह तीसरी बड़ी घटना है। लगातार हो रहे हमलों और हादसों ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट्स की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
भारत सरकार भी इन घटनाओं को गंभीरता से ले रही है। इससे पहले सेटेबेलो जहाज पर हुए हमले के विरोध में भारत ने अमेरिकी प्रभारी राजदूत जेसन मीक्स को विदेश मंत्रालय तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया था।
समुद्री सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
लगातार हो रही घटनाओं के बाद अरब सागर और ओमान की खाड़ी में समुद्री गतिविधियों की सुरक्षा को लेकर नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है।
फिलहाल सभी की नजर MT जलवीर के क्रू की सुरक्षा और घटना की आधिकारिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

