US-Iran Ceasefire: ट्रंप की रणनीति या पाकिस्तान की कूटनीति? बैकचैनल रोल पर चौंकाने वाला खुलासा

US-Iran Ceasefire में पाकिस्तान की असली भूमिका क्या थी? Financial Times रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने पाकिस्तान को बैकचैनल मैसेंजर की तरह इस्तेमाल किया।

US-Iran War Latest Update: अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो हफ्तों के संघर्षविराम (Ceasefire) को लेकर पाकिस्तान जहां खुद को शांति का दूत बता रहा है, वहीं एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट ने इस पूरे घटनाक्रम की अलग तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के मुताबिक, United States ने सीधे बातचीत के बजाय Pakistan को एक “बैकचैनल मैसेंजर” के रूप में इस्तेमाल किया।

पाकिस्तान बना ‘मैसेंजर’, अमेरिका ने खेला कूटनीतिक दांव

लंदन स्थित अखबार Financial Times की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि:

  • अमेरिका ने ईरान से सीधे बातचीत नहीं की
  • पाकिस्तान के जरिए अपनी शर्तें और प्रस्ताव भेजे
  • पाकिस्तान को “मैसेंजर” की भूमिका में रखा गया

इस रणनीति के पीछे तर्क यह बताया गया कि एक मुस्लिम बहुल देश के जरिए भेजा गया संदेश Iran के लिए ज्यादा स्वीकार्य हो सकता है।

 बैकचैनल डिप्लोमेसी में पाकिस्तान की अहम भूमिका

रिपोर्ट के अनुसार:

  • पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ (Backchannel) का काम किया
  • अमेरिका की 15-सूत्रीय योजना ईरान तक पहुंचाई
  • ईरान के 5 और 10 बिंदुओं वाले प्रस्ताव अमेरिका तक भेजे

इस पूरी प्रक्रिया में Asim Munir ने अहम भूमिका निभाई।

ट्रंप, वेंस और पाक सेना प्रमुख के बीच सीधा संपर्क

सूत्रों के मुताबिक:

  • Donald Trump
  • JD Vance
  • अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ

इन सभी से पाकिस्तान के सेना प्रमुख की सीधी बातचीत हुई। समयसीमा नजदीक आने पर यह संपर्क और तेज हो गया।

होर्मुज स्ट्रेट और युद्धविराम का दबाव

अमेरिका चाहता था कि:

  • Strait of Hormuz फिर से खोला जाए
  • ईरान युद्धविराम के लिए तैयार हो

इसलिए पाकिस्तान को एक रणनीतिक माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया गया।

पाकिस्तान की कूटनीतिक स्वतंत्रता पर सवाल

इस पूरे घटनाक्रम के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं:

  • क्या पाकिस्तान स्वतंत्र रूप से कूटनीति कर रहा था?
  • या वह अमेरिका के निर्देशों पर काम कर रहा था?

रिपोर्ट के अनुसार, Shehbaz Sharif का सोशल मीडिया पोस्ट भी व्हाइट हाउस की मंजूरी के बाद जारी हुआ था।

पर्दे के पीछे का ‘कूटनीतिक खेल’

कई हफ्तों तक चली इस गुप्त कूटनीति में:

  • पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच “एग्जिट रास्ता” तैयार किया
  • सार्वजनिक बयानबाजी और वास्तविक रणनीति में अंतर देखा गया
  • अंततः दो हफ्तों के Ceasefire का ऐलान हुआ

United States और Iran के बीच Ceasefire भले ही एक बड़ी कूटनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा हो, लेकिन Pakistan की भूमिका ने यह साफ कर दिया है कि वैश्विक राजनीति में “बैकचैनल डिप्लोमेसी” कितनी अहम होती है।