अफगानिस्तान का दावा—पाकिस्तान के इस्लामाबाद के पास सैन्य ठिकानों पर हवाई हमला। पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजाब लिल-हक’ शुरू किया। ईरान ने की मध्यस्थता की पेशकश, संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता।
Islamabad/Kabul: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान के भीतर कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इस कार्रवाई को पाकिस्तान की ओर से पहले किए गए हमलों का जवाब बताया गया है। हालांकि पाकिस्तान ने इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है।
अफगानिस्तान का दावा: किन ठिकानों को बनाया निशाना?
अफगान रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार रात करीब 11 बजे पाकिस्तान के अंदर कई सैन्य अड्डों को निशाना बनाया गया। जिन इलाकों का जिक्र किया गया है, उनमें शामिल हैं:
- इस्लामाबाद के पास फैजाबाद
- नौशहरा
- जमरूद
- एबटाबाद
अफगान पक्ष का कहना है कि यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा काबुल, कंधार और पक्तिया में किए गए हवाई हमलों के जवाब में की गई।
पाकिस्तान का ‘ऑपरेशन गजाब लिल-हक’
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्लामाबाद ने अफगान तालिबान के खिलाफ ‘ऑपरेशन गजाब लिल-हक’ शुरू किया है। पाकिस्तान का आरोप है कि खैबर पख्तूनख्वा के चित्राल, खैबर, मोहमंद, कुर्रम और बाजौर सेक्टर में अफगान पक्ष ने बिना उकसावे के फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई।
सीमा पर कई स्थानों पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच झड़पों की खबरें हैं। हाल के महीनों में भी सीजफायर उल्लंघन और सीमा पार हमलों की घटनाओं ने रिश्तों को और तनावपूर्ण बना दिया है।
ईरान ने की मध्यस्थता की पेशकश
बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है। ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने रमजान के महीने का हवाला देते हुए पाकिस्तान और अफगानिस्तान से संयम बरतने और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों को ‘अच्छे पड़ोसी’ की तरह मतभेद दूर करने चाहिए और ईरान इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए हर संभव मदद देने को तैयार है।
संयुक्त राष्ट्र की चिंता
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी सीमा पार झड़पों पर चिंता जताई है। उनके प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि महासचिव हालात पर नजर रखे हुए हैं और दोनों देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील कर रहे हैं।
लंबे समय से चले आ रहे आरोप-प्रत्यारोप
पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की जमीन से पाकिस्तान विरोधी आतंकी संगठन सक्रिय हैं। वहीं अफगानिस्तान पाकिस्तान पर उसकी संप्रभुता का उल्लंघन करने और सीमा पार हमले करने का आरोप लगाता रहा है।
इन घटनाओं ने दोनों देशों के रिश्तों को और जटिल बना दिया है और क्षेत्रीय स्थिरता पर भी असर डाल सकता है।
क्या बढ़ेगा सैन्य टकराव?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं हुए तो हालात और बिगड़ सकते हैं। फिलहाल दोनों देशों की ओर से आधिकारिक स्तर पर स्थिति की निगरानी की जा रही है, लेकिन सीमा पर तनाव कम होता नहीं दिख रहा।

