नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री थे, हैं और रहेंगे’ – JDU ने किया पोस्ट डिलीट, सीएम को लेकर सस्पेंस बरकरार

बिहार चुनाव परिणाम के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस बढ़ गया है। जेडीयू ने नीतीश कुमार को सीएम बताने वाला पोस्ट डिलीट किया, जिससे एनडीए में नेतृत्व को लेकर नई चर्चाएं तेज हो गईं।

बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम एनडीए के पक्ष में जाते ही राज्य की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल उभरकर सामने आया है—आख़िर बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?
हालांकि एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिल चुका है, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है।

इसी बीच जेडीयू का एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में आ गया, जिसमें पार्टी ने लिखा था:

“न भूतो न भविष्यति… नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री थे, हैं और रहेंगे”

लेकिन हैरानी की बात यह रही कि कुछ ही देर बाद पार्टी ने यह पोस्ट डिलीट कर दिया। इस कदम ने सीएम पद को लेकर चल रही अटकलों को और तेज कर दिया है।

जेडीयू का डिलीट किया पोस्ट क्यों बना सवाल?

एनडीए ने चुनाव से पहले कई बार कहा था कि गठबंधन नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहा है।
लेकिन एनडीए की ओर से औपचारिक रूप से नीतीश कुमार को सीएम पद का चेहरा घोषित नहीं किया गया था।

अब जब चुनाव के नतीजों के बाद बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है, ऐसे में सवाल उठ रहा है कि—

क्या बीजेपी अपना मुख्यमंत्री चेहरा पेश करेगी?

क्या नीतीश कुमार दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगे?

क्या जेडीयू का डिलीट किया हुआ पोस्ट किसी अंदरूनी सियासी चर्चा की ओर इशारा है?

क्यों बढ़ी राजनीतिक गर्माहट?

बीजेपी इस बार विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनी है, जबकि जेडीयू दूसरे स्थान पर है।
ऐसे में सरकार बनाने का मुख्य दारोमदार बीजेपी पर है, और यही स्थिति नीतीश कुमार की बर्गेनिंग पावर को कमजोर करती दिख रही है।

हालांकि, यह भी महत्वपूर्ण है कि नीतीश कुमार केंद्र की मोदी सरकार के भरोसेमंद सहयोगी रहे हैं।
इसलिए अंतिम निर्णय एनडीए के टॉप लेवल नेतृत्व की बैठक पर निर्भर करेगा।

सीएम पद को लेकर सस्पेंस जारी

एनडीए सरकार बनने की स्थिति साफ है, लेकिन मुख्यमंत्री कौन होगा—यह सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।
जेडीयू द्वारा दिए गए बयान और फिर उसे डिलीट किए जाने ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अंदरखाने में कोई न कोई राजनीतिक हलचल जरूर है।