लापता मलयेशियाई विमान: एमएच 370 के लैंडिंग किये जाने की आशंका

कुआलालंपुर रहस्यमयी तरीके से लापता हुए मलयेशियाई विमान एमएच 370 की जांच में एक नया मोड़ फिर से सामने आ रहा। बड़े पैमाने पर चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के बाद भी मलबा न मिलने के बाद, जांचकर्ता विमान के किसी स्थान पर उतरने की संभावना से भी इनकार नहीं कर रहे हैं।

‘न्यू स्ट्रेट टाइम्स’ अखबार ने विमान के लापता होने की जांच कर रहे अंतरराष्ट्रीय दल के सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि इस पहलू पर भी गौर किया जा रहा है कि विमान एमएच 370 कहीं उतरा है और यह दक्षिणी हिंद महासागर में नहीं गिरा है।

सूत्रों के मुताबिक याग बतया जा रहा है कि यदि अगले कुछ दिनों में कोई सकारात्मक परिणाम नहीं आता है तो हमें इस संभावना पर विचार करने के लिए एकजुट होना पड़ेगा। इसके साथ ही हिंद महासागर में तलाश का मिशन जारी रखना होगा। उन्होंने कहा कि किसी स्थान पर विमान उतरना असंभव नहीं है। वैसे भी हमें कोई एक ऐसा मलबा नहीं मिला है जिसे एमएच 370 से जोड़ा जा सके। जब 20 से अधिक देश तलाश के काम में लगे हुए हैं तो यह कहना हास्यास्पद होगा कि विमान को किसी विशेष देश ने छिपा रखा है।’ सूत्रों ने कहा कि एक संभावना और हो सकती है कि विमान किसी दूरस्थ स्थान पर उतरा होगा।

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इस विमान की तलाश में पहले दिन से जुटी इंटरनैशनल इन्वेस्टिगेशन टीम (आईआईटी) के सूत्रों ने अखबार से बातचीत में यह माना कि यह स्वीकार करना मुश्किल है कि बोइंग 777-200 सच में हिंद महासागर में समा गया। लेकिन अब तक की जांच इसी ओर इशारा करती है। उन्होंने इस बात की ओर इशारा किया कि विमान की खोज में जुटी मलयेशियाई जांच दल और इनमरसाट और यूनाइटेड किंगडम के एयर एक्सिडेंट जांचदल के एक्सपर्ट्स को कम्यूनिकेशन सैटेलाइट पर निर्भर रहना पड़ा, लेकिन कम्यूनिकेशन सैटेलाइट ने विमान की दिशा, ऊंचाई या स्पीड के बारे में कोई निश्चित जानकारी नही दी।
 

वजह है कि जांचकर्ताओं को एक नई एल्गोरिथम का सहारा लेना पड़ा जिससे एमएच 370 की अंतिम ज्ञात लोकेशन का पता लगाया जा सके। इसकी वजह यह है कि कोई ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम विमान को फॉलो नहीं कर रहा था क्योंकि ट्रांसपोंडर फ्लाइट से 45 मिनट दूर चला गया था।’ आईआईटी के सूत्रों के अनुसार, ‘वह हिंद महासागर के खोज किए जाने वाले स्थानों पर और ज्यादा असेट्स लगाने जा रहे हैं और साथ ही खोज की जगह का दायरा भी बढ़ाने जा रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि जांच दल ‘विमान की तलाश गलत जगहों पर’ कर रही है।’

गौरतलब है कि 8 मार्च को मलयेशिया से पेइचिंग की उड़ान पर जा रहा एमएच 370 विमान उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद रहस्यमयी ढंग से लापता हो गया था। इस विमान पर 12 क्रू मेंबर्स सहित कुल 239 लोग सवार थे। लगभग डेढ़ महीने से जारी इस विमान की तलाश के बाद भी इसके गायब होने के रहस्य से पर्दा नहीं उठ सका है।S

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