Air Pollution News: पंजाब के कई शहरों में हवा बेहद खराब, दिल्ली-NCR का AQI भी 300 पार

2 नवंबर को पंजाब के फरीदकोट, भटिंडा और अमृतसर में प्रदूषण का स्तर बेहद खराब दर्ज किया गया। दिल्ली का AQI 310 और नोएडा का 311 रहा। जानें शहरों की हवा का हाल।

Air Pollution News: सर्दियों की शुरुआत के साथ देश के कई शहरों में वायु प्रदूषण बढ़ने लगा है। पंजाब के फरीदकोट, भटिंडा और अमृतसर जैसे शहरों में बेहद खराब वायु गुणवत्ता की रिपोर्ट सामने आई है। वहीं दिल्ली-NCR में भी प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। 2 नवंबर को CPCB के आंकड़ों के अनुसार नोएडा का AQI 311 और दिल्ली का 310 दर्ज किया गया। हालांकि, अलग-अलग एयर क्वालिटी प्लेटफॉर्म पर शहरों के आंकड़ों में अंतर देखने को मिल रहा है।

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में वायु प्रदूषण एक बार फिर चिंता का विषय बन गया है। सर्दियों का मौसम शुरू होते ही हवा की गुणवत्ता में गिरावट देखने को मिल रही है। आमतौर पर इस दौरान हवा की गति कम होने और वातावरण में प्रदूषक तत्वों के जमा होने से प्रदूषण बढ़ता है।

इस बार प्रदूषण की चर्चा केवल दिल्ली-NCR तक सीमित नहीं है। पंजाब के कई शहरों में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब दर्ज की गई है। फरीदकोट, भटिंडा और अमृतसर जैसे शहरों के नाम प्रदूषित शहरों की सूची में सामने आए हैं।

हालांकि, अलग-अलग एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म पर AQI के आंकड़ों में अंतर है। इसलिए किसी शहर की सटीक रैंकिंग बताते समय डेटा के स्रोत और अपडेट का समय देखना जरूरी है।

पंजाब के शहरों में भी प्रदूषण का गंभीर स्तर

2 नवंबर को प्रकाशित एक शहरवार AQI सूची में पंजाब के कई शहरों में प्रदूषण का स्तर काफी अधिक बताया गया। TV9 Punjabi की सूची में फरीदकोट 706 AQI के साथ पहले स्थान पर था। इसके बाद कपूरथला 701 और अमृतसर 673 AQI के साथ शामिल थे। उसी सूची में भटिंडा का AQI 630 दर्ज किया गया।

इससे स्पष्ट है कि प्रदूषण की समस्या केवल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक सीमित नहीं है। पंजाब के कई शहरों में भी हवा की गुणवत्ता लोगों के स्वास्थ्य के लिए चिंता पैदा कर रही है।

दिल्ली-NCR की हवा भी खराब

दिल्ली और आसपास के शहरों में भी प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है। 2 नवंबर की सुबह CPCB के Sameer ऐप के आंकड़ों के अनुसार:

  • नोएडा: 311 AQI
  • दिल्ली: 310 AQI
  • गाजियाबाद: 278 AQI
  • गुरुग्राम: 230 AQI
  • फरीदाबाद: 116 AQI

इन आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली और नोएडा की हवा बहुत खराब श्रेणी में थी, जबकि गाजियाबाद और गुरुग्राम में हवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई।

देश के बड़े शहरों में कैसी रही हवा?

2 नवंबर को अलग-अलग शहरों में वायु गुणवत्ता की स्थिति में अंतर देखने को मिला। कुछ दक्षिण भारतीय शहरों में अपेक्षाकृत बेहतर हवा दर्ज की गई, जबकि उत्तर भारत के कई शहरों में प्रदूषण अधिक रहा।

उदाहरण के लिए, NDTV के शहरवार AQI डैशबोर्ड पर बेंगलुरु का AQI 86 और चेन्नई का AQI 30 दर्ज किया गया। वहीं दिल्ली का AQI 428 दिखाया गया। यह आंकड़ा अन्य प्लेटफॉर्म से अलग था, जो मॉनिटरिंग स्रोत और अपडेट समय के अंतर को दर्शाता है।

इसलिए अलग-अलग शहरों की तुलना करते समय एक ही स्रोत और एक ही समय के आंकड़ों का इस्तेमाल करना अधिक उचित है।

AQI की कौन-सी श्रेणी का क्या मतलब है?

वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी Air Quality Index (AQI) के जरिए हवा में मौजूद प्रदूषकों के स्तर और उनसे होने वाले संभावित स्वास्थ्य प्रभावों का आकलन किया जाता है। भारत में CPCB के सामान्य AQI पैमाने पर श्रेणियां इस प्रकार हैं:

AQI स्तर हवा की गुणवत्ता
0–50 अच्छी
51–100 संतोषजनक
101–200 मध्यम
201–300 खराब
301–400 बहुत खराब
401–500 गंभीर

AQI बढ़ने के साथ स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ सकते हैं। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और सांस या हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

प्रदूषण से बचने के लिए क्या करें?

विशेषज्ञों की सामान्य सलाह के अनुसार, जब हवा की गुणवत्ता खराब या गंभीर श्रेणी में हो तो लोगों को बाहर लंबे समय तक रहने से बचना चाहिए। सुबह और शाम के समय खुले में व्यायाम करने से पहले AQI की स्थिति जरूर देखनी चाहिए।

बाहर निकलते समय अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क उपयोगी हो सकता है। घरों में धूल और धुएं का प्रवेश कम रखने तथा प्रदूषण के अत्यधिक स्तर पर खिड़कियां बंद रखने जैसे उपाय भी मददगार हो सकते हैं।

देश के कई शहरों में बढ़ता वायु प्रदूषण सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती है। पंजाब से लेकर दिल्ली-NCR तक हवा की गुणवत्ता पर नजर रखना और प्रदूषण कम करने के प्रभावी उपाय अपनाना जरूरी है।