रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 2 नवंबर को 7.12% तक चढ़े। कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब ₹1 लाख करोड़ बढ़कर ₹16.74 लाख करोड़ पहुंचा। जानें रिकॉर्ड तिमाही मुनाफे की पूरी खबर।
Reliance Industries Share Price: रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों ने 2 नवंबर को बाजार में शानदार शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में शेयर 7.12 फीसदी तक चढ़कर 1,246.45 रुपये पर पहुंच गया। इस तेजी से कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 1 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 16.74 लाख करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के रिकॉर्ड तिमाही मुनाफे और मजबूत कारोबारी प्रदर्शन को इस तेजी की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
नई दिल्ली: देश की दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के निवेशकों के लिए सोमवार का कारोबारी सत्र उत्साहजनक रहा। 2 नवंबर 2026 को कंपनी के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में रिलायंस का शेयर बीएसई पर 7.12 फीसदी उछलकर 1,246.45 रुपये तक पहुंच गया, जबकि एनएसई पर इसमें 6.79 फीसदी की तेजी दर्ज की गई और शेयर 1,244 रुपये पर कारोबार करता दिखा।
शेयरों में इस तेजी का असर कंपनी के बाजार पूंजीकरण पर भी पड़ा। शुरुआती कारोबार में रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप करीब 1,00,208 करोड़ रुपये बढ़कर 16,74,786.99 करोड़ रुपये पहुंच गया। यानी कंपनी के कुल बाजार मूल्यांकन में लगभग एक लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।
रिकॉर्ड तिमाही मुनाफे से शेयरों को मिला सहारा
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 30 अक्टूबर को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई-सितंबर के नतीजे जारी किए थे। कंपनी ने इस अवधि में सहयोगी कंपनियों और संयुक्त उपक्रमों के मुनाफे सहित 29,550 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड तिमाही मुनाफा दर्ज किया।
यह पिछले साल की समान तिमाही के 22,092 करोड़ रुपये के मुकाबले 33.8 फीसदी अधिक है। वहीं, कंपनी का कंसोलिडेटेड ग्रॉस रेवेन्यू सालाना आधार पर 27.8 फीसदी बढ़कर 3,62,268 करोड़ रुपये पहुंच गया।
कंपनी का EBITDA भी 23.9 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ रिकॉर्ड 62,409 करोड़ रुपये रहा। मजबूत वित्तीय नतीजों ने शेयर बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ाया और इसके बाद रिलायंस के शेयरों में तेजी देखने को मिली।
शेयर बाजार की तेजी में रिलायंस का बड़ा योगदान
सोमवार सुबह भारतीय शेयर बाजार में भी तेजी का रुख रहा। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 935.82 अंक चढ़कर 75,390.02 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 248.15 अंक की बढ़त के साथ 23,300.05 पर कारोबार करता दिखा।
सेंसेक्स और निफ्टी की प्रमुख कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज शुरुआती कारोबार के दौरान सबसे ज्यादा लाभ में रहने वाले शेयरों में शामिल रही। कंपनी के शेयरों में आई तेजी ने बाजार की बढ़त को भी सहारा दिया।
O2C कारोबार में मजबूत रिकवरी से बढ़ा मुनाफा
रिलायंस के शानदार तिमाही प्रदर्शन के पीछे उसके ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) कारोबार की मजबूत वापसी प्रमुख वजह रही। इस कारोबार में तेल रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल इकाइयां शामिल हैं।
कंपनी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में परिवहन ईंधन की बेहतर कीमतों और पेट्रोकेमिकल मार्जिन में सुधार से O2C कारोबार की कमाई को मजबूती मिली। इस सेगमेंट का EBITDA सालाना आधार पर 67.9 फीसदी बढ़कर 25,203 करोड़ रुपये पहुंच गया।
वहीं, इस कारोबार से कंपनी को 2,31,601 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 44.2 फीसदी अधिक है।
डिजिटल कारोबार ने भी दिया कंपनी को सहारा
रिलायंस के डिजिटल सर्विसेज कारोबार ने भी कंपनी के प्रदर्शन को मजबूती दी। इस सेगमेंट का EBITDA सालाना आधार पर 17.7 फीसदी बढ़कर 22,223 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी के डिजिटल कारोबार में जियो की भूमिका अहम रही। दूसरी ओर, रिटेल कारोबार की कमाई में कमजोरी देखने को मिली। इसके बावजूद O2C और डिजिटल सेवाओं के बेहतर प्रदर्शन ने कंपनी के कुल नतीजों को मजबूत बनाए रखा।
निवेशकों के लिए क्या है इस तेजी का मतलब?
रिलायंस के शेयरों में आई तेजी ने कंपनी के बाजार मूल्यांकन को नई ऊंचाई दी है। हालांकि, बाजार पूंजीकरण में एक लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी का अर्थ यह नहीं है कि निवेशकों ने वास्तविक रूप से इतनी रकम अपने खातों में कमा ली है। यह शेयर की कीमत बढ़ने से कंपनी के कुल बाजार मूल्य में हुआ बदलाव है।
शेयर बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहता है। इसलिए निवेशकों को किसी एक कारोबारी सत्र की तेजी के आधार पर निवेश का फैसला लेने के बजाय कंपनी के वित्तीय नतीजों, कारोबारी संभावनाओं और अपने जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करना चाहिए।
फिलहाल रिलायंस इंडस्ट्रीज के रिकॉर्ड तिमाही मुनाफे और O2C तथा डिजिटल कारोबार के मजबूत प्रदर्शन ने शेयर बाजार में कंपनी को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आने वाले कारोबारी सत्रों में शेयर की चाल पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।

