दिल्ली के मालवीय नगर होटल अग्निकांड के बाद चर्चा में आया Bed & Breakfast (B&B) लाइसेंस। जानिए B&B लाइसेंस क्या होता है, इसके नियम, कमर्शियल होटल से अंतर और कैसे 21 लोगों की मौत के बाद उठे बड़े सवाल।
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण होटल अग्निकांड ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों और लाइसेंसिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 47 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। जांच में सामने आया है कि जिस इमारत में होटल संचालित किया जा रहा था, उसके पास कमर्शियल होटल लाइसेंस नहीं था, बल्कि वह केवल बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) लाइसेंस के आधार पर संचालित हो रही थी।
इस खुलासे के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर B&B लाइसेंस क्या होता है और इसके तहत कौन-कौन सी गतिविधियां वैध मानी जाती हैं।
क्या होता है बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) लाइसेंस?
बेड एंड ब्रेकफास्ट यानी “बिस्तर और नाश्ता”। यह योजना भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा वर्ष 2007 में “Incredible India” अभियान के तहत शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य घरेलू मकान मालिकों को अतिरिक्त आय का अवसर देना और पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति एवं घरेलू वातावरण का अनुभव कराना था।
इस लाइसेंस के तहत मकान मालिक अपने घर के कुछ अतिरिक्त कमरों को पर्यटकों या मेहमानों को किराए पर दे सकते हैं और उन्हें सुबह का नाश्ता उपलब्ध करा सकते हैं।
B&B लाइसेंस की प्रमुख शर्तें
B&B लाइसेंस प्राप्त करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण नियमों का पालन करना अनिवार्य है:
- भवन पूरी तरह आवासीय (Residential) होना चाहिए।
- मकान मालिक का उसी भवन में रहना जरूरी है।
- सीमित संख्या में कमरे किराए पर दिए जा सकते हैं।
- केवल रहने और नाश्ते की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है।
- भवन में किसी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि या रेस्टोरेंट संचालन की अनुमति नहीं होती।
- मेहमानों का रिकॉर्ड और पहचान पत्र सुरक्षित रखना आवश्यक है।
- विदेशी नागरिकों की जानकारी FRRO को देना अनिवार्य है।
B&B और कमर्शियल होटल में क्या अंतर है?
- बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B)
- आवासीय भवन में संचालित।
- मालिक का उसी भवन में रहना अनिवार्य।
- सीमित कमरों की अनुमति।
- केवल आवास और नाश्ते की सुविधा।
- लाइसेंस प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान।
- कई मामलों में विस्तृत फायर NOC की आवश्यकता नहीं।
कमर्शियल होटल
- पूरी तरह व्यावसायिक प्रतिष्ठान।
- मालिक का भवन में रहना आवश्यक नहीं।
- बड़ी संख्या में कमरों की सुविधा।
- रेस्टोरेंट, बैंक्वेट, मीटिंग हॉल जैसी अतिरिक्त सेवाएं।
- फायर सेफ्टी NOC, पुलिस अनुमति, नगर निगम लाइसेंस और अन्य वैधानिक मंजूरियां जरूरी।
मालवीय नगर होटल में क्या हुई गड़बड़ी?
प्रारंभिक जांच के अनुसार, जिस इमारत में “लेमन ग्रीन” नाम से होटल संचालित किया जा रहा था, वहां B&B लाइसेंस की आड़ में एक पूर्ण व्यावसायिक होटल चलाया जा रहा था। यदि यह तथ्य सही पाया जाता है तो यह लाइसेंस शर्तों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि B&B लाइसेंस के तहत न तो बड़े पैमाने पर होटल संचालन किया जा सकता है और न ही रेस्टोरेंट जैसी कमर्शियल सुविधाएं चलाई जा सकती हैं।
दिल्ली में क्यों शुरू की गई थी यह योजना?
कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 से पहले दिल्ली में पर्यटकों की संभावित भारी आमद को देखते हुए सरकार ने B&B योजना को बढ़ावा दिया था। इसके प्रमुख उद्देश्य थे:
- होटल कमरों की कमी को पूरा करना।
- पर्यटकों को किफायती आवास उपलब्ध कराना।
- भारतीय संस्कृति का अनुभव कराना।
- मकान मालिकों की अतिरिक्त आय बढ़ाना।
- B&B लाइसेंस कौन जारी करता है?
दिल्ली में B&B लाइसेंस दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा जारी किया जाता है। आवेदन ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है। केंद्र सरकार का पर्यटन मंत्रालय भी होमस्टे और B&B इकाइयों को विभिन्न श्रेणियों में मान्यता प्रदान करता है।
हादसे के बाद बढ़ी सख्ती
मालवीय नगर अग्निकांड के बाद प्रशासन ने राजधानी में B&B लाइसेंस के तहत संचालित संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी भी भवन में लाइसेंस नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा केवल एक अग्निकांड नहीं बल्कि लाइसेंसिंग, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए B&B और कमर्शियल होटल के बीच स्पष्ट निगरानी और नियमित निरीक्षण की आवश्यकता है।

