UAE दौरे पर पीएम मोदी की बड़ी ऊर्जा डील! महंगे पेट्रोल-डीजल के बीच भारत को मिलेगा बड़ा फायदा

PM Narendra Modi UAE Visit 2026: महंगे पेट्रोल-डीजल के बीच पीएम मोदी UAE दौरे पर बड़ी ऊर्जा डील कर सकते हैं। भारत-UAE के बीच LPG, LNG और रणनीतिक तेल भंडार को लेकर अहम समझौते संभव।

प्रधानमंत्री Narendra Modi आज 15 मई को संयुक्त अरब अमीरात यानी United Arab Emirates के महत्वपूर्ण दौरे पर रवाना हो चुके हैं। इस दौरे का सबसे बड़ा फोकस भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है। ऐसे समय में जब देश में पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों को लेकर चिंता बनी हुई है, पीएम मोदी का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे के दौरान एलपीजी और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserve) से जुड़े दो बड़े समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इन समझौतों से भारत को लंबे समय तक तेल और गैस की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

भारत के लिए क्यों बेहद खास है UAE?

United Arab Emirates भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने वाले सबसे अहम देशों में शामिल है। पिछले साल UAE भारत के लिए कच्चे तेल का चौथा सबसे बड़ा सप्लायर रहा, जिसने भारत की लगभग 11 प्रतिशत जरूरत पूरी की।

इसके अलावा UAE भारत के लिए LNG (Liquefied Natural Gas) का तीसरा सबसे बड़ा स्रोत भी है। भारतीय कंपनियों और ADNOC Gas के बीच लंबे समय के कई समझौते हो चुके हैं, जिनके तहत भारत को हर साल 4.5 मिलियन मीट्रिक टन LNG की आपूर्ति की जाती है।

सबसे बड़ी बात यह है कि UAE भारत के लिए LPG का सबसे बड़ा सप्लायर है और देश की लगभग 40 प्रतिशत एलपीजी जरूरत अकेले UAE पूरी करता है। ऐसे में यह दौरा घरेलू गैस और ईंधन की कीमतों पर भी सकारात्मक असर डाल सकता है।

रणनीतिक तेल भंडार पर होगी बड़ी डील

भारत और UAE के बीच रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को लेकर पहले से मजबूत साझेदारी है। साल 2018 में Indian Strategic Petroleum Reserves Limited (ISPRL) और ADNOC के बीच एक अहम समझौता हुआ था, जिसके तहत UAE ने भारत के मंगलौर स्थित भंडारण केंद्र में 50 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल स्टोर किया था।

अब माना जा रहा है कि पीएम मोदी के इस दौरे में इस साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा होगी, ताकि वैश्विक संकट या युद्ध जैसी स्थिति में भारत के पास पर्याप्त तेल भंडार उपलब्ध रहे।

UAE में भारतीय कंपनियों का बड़ा निवेश

भारतीय कंपनियों ने UAE के ऊर्जा क्षेत्र में 1.2 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है। 2018 में भारतीय कंपनियों के समूह OVL, BPRL और IOCL ने UAE के लोअर ज़ाकुम ऑयल ब्लॉक में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की थी।

इसके बाद 2019 में ऊर्जा भारत प्राइवेट लिमिटेड ने अबू धाबी ऑनशोर ब्लॉक-1 में निवेश किया। जनवरी 2026 में BPRL ने यहां बड़े तेल भंडार की खोज की पुष्टि भी की थी। यह पश्चिम एशिया में भारतीय कंपनियों का सबसे बड़ा अपस्ट्रीम निवेश माना जाता है।

रिन्यूएबल एनर्जी में भी बढ़ेगा सहयोग

भारत और UAE अब सिर्फ तेल और गैस तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में भी तेजी से साझेदारी बढ़ा रहे हैं।

अक्टूबर 2024 में UAE की कंपनी MASDAR और राजस्थान सरकार के बीच 60 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता विकसित करने के लिए समझौता हुआ था। इसके अलावा दोनों देश बिजली ग्रिड इंटरकनेक्शन पर भी काम कर रहे हैं।

UAE, भारत की अगुवाई में शुरू किए गए Global Biofuels Alliance का भी सक्रिय सदस्य है।

भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगा बड़ा सहारा

वैश्विक स्तर पर तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच पीएम मोदी का UAE दौरा भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन समझौतों से भारत को भविष्य में ईंधन आपूर्ति और कीमतों के दबाव से राहत मिल सकती है।