Middle East War: इजरायल के हमले के बाद कतर पर ईरान का पलटवार, LNG साइट पर मिसाइल अटैक से मचा हड़कंप

इजरायल-ईरान युद्ध के बीच ईरान ने कतर की रास लाफान LNG साइट पर मिसाइल हमला किया। जानिए हमले की वजह, नुकसान और वैश्विक असर।

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब और खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। इजरायल द्वारा ईरान के गैस इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले के बाद तेहरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कतर की प्रमुख LNG साइट पर मिसाइल हमला कर दिया। इस हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

कतर की रास लाफान LNG साइट पर मिसाइल हमला

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। कतर के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि कुल 5 मिसाइलें छोड़ी गईं, जिनमें से ज्यादातर को एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया, लेकिन एक मिसाइल साइट पर गिर गई।

इस हमले के बाद LNG फैसिलिटी में आग लग गई और बड़े पैमाने पर नुकसान की खबर सामने आई है। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

दुनिया का सबसे बड़ा LNG हब है रास लाफान

रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी को दुनिया का सबसे बड़ा LNG (Liquefied Natural Gas) उत्पादन और निर्यात केंद्र माना जाता है। यहां से बड़ी मात्रा में गैस का निर्यात एशिया और यूरोप के कई देशों को किया जाता है।

हमले के बाद उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है।

क्यों किया ईरान ने कतर पर हमला?

इस हमले की जड़ में इजरायल द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर किया गया हमला है। यह दुनिया का सबसे बड़ा गैस फील्ड है, जिसे ईरान और कतर साझा करते हैं।

इजरायल के हमले में ईरान के पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाया गया था। इसके बाद ईरान ने चेतावनी दी थी कि खाड़ी देशों के एनर्जी ठिकाने भी निशाने पर आ सकते हैं — और अब कतर पर हमला उसी चेतावनी का हिस्सा माना जा रहा है।

कतर ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

कतर सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे “गैर-जिम्मेदाराना और खतरनाक” कदम बताया है। इसके साथ ही कतर ने बड़ा फैसला लेते हुए ईरान के दूतावास के कुछ अधिकारियों को Persona Non Grata घोषित कर दिया है।

उन्हें 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया गया है।

सऊदी अरब भी बना निशाना

कतर के अलावा ईरान ने सऊदी अरब पर भी मिसाइल हमले किए। सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रियाद की ओर बढ़ रही 4 बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया गया, हालांकि कुछ जगहों पर गिरने से 4 लोग घायल हुए हैं।

वैश्विक असर: तेल और गैस बाजार में हलचल

इस पूरे घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तनाव और बढ़ता है, तो LNG सप्लाई चेन पर बड़ा असर पड़ सकता है।

रास लाफान जैसे अहम केंद्र पर हमला वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है।

इजरायल-ईरान युद्ध अब खाड़ी देशों तक फैलता नजर आ रहा है। कतर और सऊदी अरब जैसे देशों के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले से यह संघर्ष और व्यापक हो सकता है। आने वाले दिनों में इसका असर न सिर्फ क्षेत्रीय राजनीति बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल सकता है।