नोएडा से यूपी ATS ने ISI से जुड़े 2 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया। VIP लोगों के घरों पर ग्रेनेड हमले की साजिश रच रहे थे।
नोएडा | विशेष रिपोर्ट : उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। Uttar Pradesh Anti-Terrorism Squad (UP ATS) ने नोएडा से दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर Inter-Services Intelligence (ISI) के लिए काम कर रहे थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक ये आरोपी वीआईपी लोगों के घरों पर ग्रेनेड हमले की साजिश रच रहे थे।
🔎 आरोपियों की पहचान और बरामदगी
ATS के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
- Tushar Chauhan उर्फ हिजबुल्ला अली खान (बागपत निवासी)
- Sameer Khan (दिल्ली निवासी)
दोनों की उम्र करीब 20 साल बताई जा रही है।
बरामद सामान:
- पिस्टल
- कारतूस
- चाकू
- दो मोबाइल फोन
📡 ISI और पाकिस्तानी नेटवर्क से कनेक्शन
जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी Inter-Services Intelligence (ISI) के संपर्क में थे और पाकिस्तानी गैंगस्टर Shehzad Bhatti से जुड़े हुए थे।
- इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क
- हैंडलर्स: आबिद जट समेत कई विदेशी लिंक
- वॉइस और वीडियो कॉल के जरिए बातचीत
💣 VIP टारगेट और ग्रेनेड अटैक की साजिश
ATS के मुताबिक आरोपियों को भारत में संवेदनशील ठिकानों की रेकी का टास्क दिया गया था।
- VIP लोगों के घरों को निशाना बनाने की योजना
- ग्रेनेड हमले की तैयारी
- मेरठ में रहकर साजिश को अंजाम देने की कोशिश
🕵️♂️ स्लीपर सेल और फंडिंग का खुलासा
जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी:
- स्लीपर सेल तैयार कर चुके थे
- लोगों को जोड़ने का टास्क मिला था
- “TTH” कोड के जरिए नेटवर्क बढ़ा रहे थे
फंडिंग प्लान:
- ₹50,000 एडवांस
- ₹2.5 लाख हमले के बाद देने का वादा
इसके अलावा, इन्हें दुबई के रास्ते पाकिस्तान बुलाने का लालच भी दिया गया था।
⚠️ कट्टरपंथी कंटेंट का प्रभाव
ATS के अनुसार आरोपियों पर कुछ कट्टरपंथी ऑनलाइन कंटेंट का भी प्रभाव पड़ा था।
- यूट्यूब और सोशल मीडिया के जरिए ब्रेनवॉश
- बंद अकाउंट के बाद नए अकाउंट बनाकर गतिविधियां जारी
🚔 आगे की जांच और संभावित खुलासे
Uttar Pradesh Anti-Terrorism Squad अब दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
- अन्य साथियों की तलाश
- विदेशी नेटवर्क की जांच
- संभावित बड़े खुलासों की उम्मीद
🧭 निष्कर्ष
नोएडा से हुई यह गिरफ्तारी देश की सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को दर्शाती है। समय रहते इस साजिश का खुलासा होना एक बड़ी घटना को टालने में अहम साबित हुआ है।

