इस्लामाबाद | 11 नवंबर 2025 — पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद मंगलवार दोपहर एक भीषण धमाके से दहल उठी। यह विस्फोट इस्लामाबाद हाईकोर्ट के पास पार्किंग एरिया में खड़ी एक कार में हुआ, जिससे चारों ओर अफरातफरी मच गई। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक 11 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 25 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
धमाके से मचा हड़कंप
स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 12:30 बजे कोर्ट परिसर के बाहर तेज धमाका हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए और आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। उस वक्त परिसर में बड़ी संख्या में वकील, कोर्ट कर्मचारी और आम नागरिक मौजूद थे, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
घायल वकील और आम लोग अस्पताल में भर्ती
धमाके में कई वकील, पुलिसकर्मी और स्थानीय नागरिक घायल हुए हैं। उन्हें नजदीकी पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार कई घायलों की हालत नाज़ुक बनी हुई है।
प्रारंभिक जांच में सिलेंडर ब्लास्ट की आशंका
पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में कार में गैस सिलेंडर फटने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अधिकारियों ने आतंकी हमले की संभावना से भी इंकार नहीं किया है। पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक—
“विस्फोट का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है। साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। जल्द ही जांच रिपोर्ट सामने लाई जाएगी।”
पाकिस्तान ने फिर भारत पर लगाया आरोप
घटना के कुछ ही घंटे बाद पाकिस्तान के सरकारी चैनल PTV ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि इस धमाके के पीछे अफगान तालिबान से जुड़े खारिज़ी विद्रोही गुट हैं, जिन्हें पाकिस्तान “भारत-प्रायोजित” बताता रहा है।
गौरतलब है कि ये धमाका दिल्ली ब्लास्ट के महज 24 घंटे बाद हुआ है, और पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत पर अप्रत्यक्ष रूप से उंगली उठाई है, जबकि भारत ने इस घटना पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
कोर्ट परिसर और आसपास का इलाका सील
धमाके के बाद पुलिस, सेना और खुफिया एजेंसियों ने इलाके को पूरी तरह सील कर दिया है। मौके से कार के टुकड़े, विस्फोटक सामग्री और सीसीटीवी फुटेज जब्त किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी में हाई अलर्ट जारी करते हुए संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा बढ़ा दी है।
अंतरराष्ट्रीय नजरें पाकिस्तान पर
इस्लामाबाद में हुए इस धमाके ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले कुछ महीनों में पेशावर, क्वेटा और कराची में भी ऐसे कई धमाके हो चुके हैं, जिनमें सैकड़ों लोग मारे गए हैं।
इस्लामाबाद हाईकोर्ट ब्लास्ट ने पाकिस्तान को एक बार फिर सुरक्षा संकट के बीच खड़ा कर दिया है। सरकार इसे सिलेंडर ब्लास्ट बताने की कोशिश कर रही है, लेकिन विपक्ष और अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक आतंकी साजिश की आशंका जता रहे हैं। फिलहाल जांच जारी है और लोग यह जानने के इंतज़ार में हैं कि क्या यह सिर्फ हादसा था या किसी बड़ी साजिश की शुरुआत।

