नई दिल्ली। दिल्ली ब्लास्ट केस की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के हवाले कर दी गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार शाम इस मामले में बड़ा फैसला लेते हुए जांच NIA को सौंप दी। वहीं, धमाके में मुख्य संदिग्ध बताए जा रहे डॉ. उमर मोहम्मद के परिवार पर भी शिकंजा कसने लगा है। पुलिस ने डॉ. उमर के पिता को हिरासत में ले लिया है, जबकि मां और दो भाई पहले से ही हिरासत में हैं।
इस बीच, फरीदाबाद, भोपाल और उत्तर प्रदेश में भी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। कई राज्यों में इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
दिल्ली ब्लास्ट केस की जांच अब NIA के हाथों में
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट केस की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है।
अब यह एजेंसी पूरे मामले की तह तक जाकर पता लगाएगी कि धमाके के पीछे आतंकी साजिश थी या लोकल नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया।
सूत्रों के अनुसार, NIA की टीम ने दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल से केस से जुड़े दस्तावेज और साक्ष्य अपने कब्जे में ले लिए हैं।
वहीं, FSL रिपोर्ट और CCTV फुटेज की विस्तृत जांच भी एजेंसी कर रही है।
हिरासत में डॉक्टर उमर का पिता, परिवार से पूछताछ जारी
धमाके के मुख्य आरोपी डॉ. उमर मोहम्मद के परिवार से पूछताछ जारी है।
पुलिस ने उमर के पिता को फरीदाबाद से हिरासत में लिया है, जबकि उसकी मां और दो भाई पहले से ही पुलिस कस्टडी में हैं।
जांच एजेंसियों को शक है कि परिवार को उमर की गतिविधियों की जानकारी थी या उसने किसी तरह की मदद की।
डॉ. उमर वही संदिग्ध है, जिसने धमाके के दिन कथित रूप से फिदायीन अटैक में खुद को उड़ा लिया था।
फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी में सर्च ऑपरेशन
ब्लास्ट के बाद फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी में जांच एजेंसियों ने सर्च ऑपरेशन चलाया है।
यही वह यूनिवर्सिटी है जहां डॉ. उमर और उसके तीन साथी डॉक्टर पढ़े या काम कर चुके थे।
सूत्रों के मुताबिक, यहां से डिजिटल डिवाइस, लैपटॉप और दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या यूनिवर्सिटी कैंपस का इस्तेमाल टेरर मॉड्यूल की प्लानिंग या फंडिंग के लिए किया गया था।
यूपी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कई लोग हिरासत में
उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी इस केस में सख्त एक्शन लिया है।
सूत्रों के अनुसार, कानपुर, सहारनपुर और अलीगढ़ में छापेमारी कर कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस ने बताया कि इन लोगों से डॉ. शाहीन शाहिद के कनेक्शन की जांच की जा रही है।
डॉ. शाहीन पहले कानपुर के गणेश शंकर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर थी और हाल ही में उसे फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया था।
उसकी कार से पुलिस ने एसॉल्ट राइफल, मैग्जीन और कारतूस बरामद किए थे।
शाहीन को फरीदाबाद के जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल का हिस्सा बताया जा रहा है।
भोपाल में भी हाई अलर्ट, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर सघन चेकिंग
दिल्ली धमाके के बाद अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।
पुलिस ने शहर के प्रमुख स्थानों पर नाकेबंदी कर दी है।
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, एयरपोर्ट और भीड़भाड़ वाले बाजारों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।
हर आने-जाने वाले वाहन की सघन जांच की जा रही है।
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर बोले – यह हमला इंसानियत पर है
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने दिल्ली धमाके पर गहरा दुख जताया।
उन्होंने कहा —
“यह हमला कुछ व्यक्तियों पर नहीं, बल्कि पूरी मानवता पर है। मैं उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपने प्रियजन खो दिए। मुझे उम्मीद है कि भारत सरकार और उनकी एजेंसियां इस साजिश के पीछे के लोगों का पता लगाने में सफल होंगी।”
जांच का फोकस: आतंकी नेटवर्क या लोकल कनेक्शन?
NIA की प्राथमिक जांच का फोकस अब दो एंगल पर है —
क्या धमाके के पीछे किसी अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन का हाथ है?
या फिर यह लोकल मॉड्यूल था जो विदेश से संचालित नेटवर्क से जुड़ा था?
फॉरेसिक टीम के अनुसार, कार में अमोनियम नाइट्रेट और इलेक्ट्रॉनिक सर्किट मिले हैं, जो हाई-इंटेंसिटी ब्लास्ट के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
दिल्ली के दिल में हुआ यह धमाका अब देश की शीर्ष जांच एजेंसी के हाथों में है।
NIA की जांच रिपोर्ट आने के बाद यह साफ होगा कि यह एक आतंकी हमला, फिदायीन मिशन या किसी बड़ी साजिश की शुरुआत थी।
फिलहाल पूरे देश में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और आम नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की जा रही है।

