नई दिल्ली | 11 नवंबर 2025 — राजधानी दिल्ली में हुए भीषण कार ब्लास्ट की जांच अब एक खतरनाक दिशा में बढ़ रही है। इस मामले में जांच एजेंसियों को अब ‘फिदायीन’ (आत्मघाती हमलावर) एंगल का सुराग मिला है। सूत्रों के मुताबिक यह ब्लास्ट जैश-ए-मोहम्मद (JeM) की महिला विंग “जमात-उल-मोमीनात” से जुड़ा हो सकता है।
इस एंगल पर शक तब गहराया जब लखनऊ की डॉक्टर शाहीन शाहिद को भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और असॉल्ट राइफल के साथ फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि शाहीन जैश की महिला इकाई से जुड़ी थी और दिल्ली ब्लास्ट से उसका गहरा कनेक्शन सामने आ रहा है।
कौन है डॉ. शाहीन शाहिद?
जांच एजेंसियों के अनुसार, डॉ. शाहीन शाहिद, लखनऊ के लालबाग की रहने वाली हैं और फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ी थीं। उन्हें हाल ही में फरीदाबाद मॉड्यूल के खुलासे के बाद गिरफ्तार किया गया, जहां से पुलिस ने 2,900 किलो से अधिक विस्फोटक और ज्वलनशील पदार्थ बरामद किया।
शाहीन का नाम कश्मीरी डॉक्टर मुजम्मिल गनाई उर्फ मुसैब के साथ भी जुड़ा है, जिसे फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया था। एजेंसियों को शक है कि दोनों ने मिलकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, और जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों का नेटवर्क तैयार किया था।
क्या है ‘जमात-उल-मोमीनात’ — जैश की महिला विंग?
‘जमात-उल-मोमीनात’ नाम की यह महिला शाखा जैश-ए-मोहम्मद (JeM) की एक गुप्त इकाई है, जिसे मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर चलाती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह संगठन शहीद आतंकवादियों की विधवाओं और गरीब मुस्लिम महिलाओं को टारगेट कर उन्हें “जिहाद” और “फिदायीन मिशन” के नाम पर भर्ती करता है।
इन महिलाओं को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जाती है, जिसमें हेट स्पीच, डिजिटल प्रोपेगेंडा और बम बनाने की बेसिक जानकारी शामिल होती है। सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान में इन महिलाओं को फिजिकल फिदायीन ट्रेनिंग भी दी जा रही है।
शाहीन का जैश और अन्य आतंकी संगठनों से कनेक्शन
सूत्रों के मुताबिक शाहीन शाहिद न सिर्फ जैश-ए-मोहम्मद (JeM) बल्कि अंसार गज़वत-उल-हिंद (AGuH) और अन्य पाकिस्तान-स्थित आतंकी संगठनों से भी संपर्क में थी। वह सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड चैट एप्स के जरिए पाकिस्तान से लगातार निर्देश प्राप्त कर रही थी।
एजेंसियों को यह भी संदेह है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी के संसाधनों का इस्तेमाल आतंकी फंडिंग और भर्ती अभियान के लिए किया गया होगा। इस दिशा में एनआईए (NIA) की टीम ने यूनिवर्सिटी परिसर में सर्च ऑपरेशन भी चलाया है।
फिदायीन मिशन का पर्दाफाश
जांच में सामने आया है कि दिल्ली धमाका भारत में महिला आत्मघाती दस्ते के पहले प्रयासों में से एक हो सकता है। माना जा रहा है कि शाहीन और उसकी टीम दिल्ली, भोपाल और लखनऊ में सीरियल ब्लास्ट की योजना बना रही थी। फिलहाल एनआईए, आईबी और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल मिलकर इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं।
अब तक की कार्रवाई
7 आरोपी गिरफ्तार, जिनमें डॉक्टर शाहीन और डॉक्टर मुसैब शामिल
2,900 किलो IED बनाने की सामग्री जब्त
असॉल्ट राइफल, मैगजीन और कारतूस बरामद
अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर छापा, डिजिटल उपकरण सीज
शाहीन के पाकिस्तान से फंडिंग और संपर्कों की जांच जारी
दिल्ली ब्लास्ट ने साफ कर दिया है कि अब महिलाओं को भी आतंकवाद के नए चेहरे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। “जमात-उल-मोमीनात” जैसे संगठन भारत के खिलाफ हाइब्रिड वॉर छेड़ रहे हैं, जिनका उद्देश्य देश में डर और अस्थिरता फैलाना है।
फिलहाल एनआईए और केंद्रीय एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही पूरे फिदायीन मॉड्यूल का पर्दाफाश होगा।

