केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बताया कि NEET-UG परीक्षा को ऑनलाइन (CBT) मोड और JEE की तरह दो चरणों में आयोजित करने पर विचार किया जा रहा है। अंतिम फैसला टास्क फोर्स की रिपोर्ट के बाद लिया जाएगा।
नई दिल्ली: मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG के स्वरूप में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक हलफनामे में बताया है कि लगभग 22 लाख अभ्यर्थियों वाली इस परीक्षा को पारंपरिक पेन-पेपर मोड से हटाकर कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) के रूप में आयोजित करने की संभावना पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इसके अलावा JEE Main और JEE Advanced की तर्ज पर NEET-UG को भी दो चरणों में आयोजित करने का प्रस्ताव विचाराधीन है।
ऑनलाइन परीक्षा और दो चरणों वाला मॉडल हो सकता है लागू
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित आठ प्रमुख परीक्षाओं में से सात पहले ही ऑनलाइन मोड में कराई जा रही हैं। ऐसे में अब NEET-UG को भी कंप्यूटर आधारित परीक्षा में बदलने के विकल्प पर चर्चा चल रही है।
हलफनामे के अनुसार, परीक्षा को दो स्तरों (Main और Advanced) में आयोजित करने से न केवल परीक्षा प्रणाली अधिक सुरक्षित होगी, बल्कि छात्रों की योग्यता का बेहतर मूल्यांकन भी संभव हो सकेगा।
सरकार ने कहा- अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। परीक्षा प्रणाली में किसी भी बड़े बदलाव से पहले सभी पहलुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि अंतिम निर्णय विशेषज्ञ समिति (टास्क फोर्स) की सिफारिशों के आधार पर लिया जाएगा।
नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में बनी टास्क फोर्स
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
यह समिति परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, तकनीकी सुधार और सुरक्षा उपायों पर अपनी रिपोर्ट देगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर NEET-UG के नए प्रारूप पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
छात्रों को मिलेगा पर्याप्त समय
केंद्र सरकार ने अदालत को भरोसा दिलाया कि परीक्षा प्रणाली में कोई भी बदलाव अचानक लागू नहीं किया जाएगा।
यदि नया पैटर्न लागू किया जाता है, तो छात्रों को पहले से पर्याप्त समय दिया जाएगा, ताकि वे नई परीक्षा प्रणाली के अनुसार अपनी तैयारी कर सकें।
पेपर लीक रोकने के लिए होंगे हाई-टेक सुरक्षा इंतजाम
सरकार ने हलफनामे में परीक्षा सुरक्षा को लेकर कई नए तकनीकी उपायों की जानकारी भी दी। इनमें शामिल हैं—
- बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन
- GPS ट्रैकिंग वाले वन-टाइम लॉक ट्रंक
- एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्रश्न बैंक
- प्रश्नपत्रों की सुरक्षित डिजिटल निगरानी
- प्रशासनिक और तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना
सरकार का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य भविष्य में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर पूरी तरह रोक लगाना है।
सभी संबंधित संस्थाओं से होगी चर्चा
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि NEET-UG के नए परीक्षा ढांचे को अंतिम रूप देने से पहले स्वास्थ्य मंत्रालय, नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) और अन्य संबंधित संस्थाओं से व्यापक चर्चा की जाएगी।
इसके बाद ही परीक्षा के नए स्वरूप को लागू करने का निर्णय लिया जाएगा।
मुख्य बातें (Highlights)
- NEET-UG को ऑनलाइन (CBT) मोड में आयोजित करने पर विचार।
- JEE की तरह दो चरणों (Main और Advanced) की परीक्षा का प्रस्ताव।
- केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर दी जानकारी।
- नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली टास्क फोर्स करेगी सिफारिश।
- फिलहाल अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
- छात्रों को नए पैटर्न के लिए पहले से पर्याप्त समय दिया जाएगा।
- पेपर लीक रोकने के लिए बायोमेट्रिक, GPS ट्रैकिंग और एन्क्रिप्टेड प्रश्न बैंक जैसे हाई-टेक सुरक्षा उपाय प्रस्तावित।

