अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से घटाया टैरिफ, शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद लिया बड़ा फैसला

अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से चली आ रही ट्रेड वॉर अब खत्म होने की दिशा में बढ़ती दिख रही है। गुरुवार (30 अक्टूबर) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में मुलाकात हुई। करीब छह साल बाद दोनों नेताओं की यह आमने-सामने की बैठक हुई, जिसके बाद एक बड़ा आर्थिक फैसला सामने आया — अमेरिका ने चीन पर लगाए गए टैरिफ में 10 प्रतिशत की कटौती की है।

 ट्रंप बोले — “अब रिश्तों में नई शुरुआत”
‘एएनआई’ की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा,

“जैसा कि आप जानते हैं, मैंने चीन पर फेंटानिल की वजह से 20 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, लेकिन उनकी बातें सुनने के बाद मैंने इसे 10 प्रतिशत घटा दिया है, और यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू होगा।”

ट्रंप ने बताया कि बैठक के दौरान कई अहम विषयों पर चर्चा हुई, जिनमें ट्रेड डील, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, और ड्रग नियंत्रण सहयोग शामिल हैं।

टैरिफ में बड़ी कटौती का ऐलान
ट्रंप ने मीटिंग के बाद बताया कि अमेरिका ने चीन पर लगाए गए 57 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 47 प्रतिशत कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला अमेरिका-चीन व्यापारिक रिश्तों में स्थिरता और पारस्परिक सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

अप्रैल में चीन दौरे पर जाएंगे ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा कि वह अप्रैल 2026 में चीन का दौरा करेंगे और इस दौरान एक नई व्यापारिक संधि (Trade Deal) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। वहीं, शी जिनपिंग भी इसके बाद अमेरिका का दौरा करेंगे, जहां दोनों देशों के बीच कई अन्य मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है।

चीन फिर से खरीदेगा अमेरिकी सोयाबीन
मुलाकात के बाद ट्रंप ने बताया कि चीन ने अमेरिका से सोयाबीन की खरीद फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है।

“चीन तुरंत प्रभाव से अमेरिकी सोयाबीन की खरीद शुरू करेगा,” उन्होंने कहा।

बता दें कि ट्रंप प्रशासन द्वारा टैरिफ बढ़ाए जाने के बाद चीन ने अमेरिकी सोयाबीन की खरीद बंद कर दी थी, जिससे अमेरिकी किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। अब यह निर्णय दोनों देशों के लिए आर्थिक राहत लेकर आया है।

6 साल बाद पिघली बर्फ
ट्रंप और जिनपिंग की यह बैठक अमेरिका-चीन संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच 2018 से चली आ रही ट्रेड वॉर के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ा था। अब टैरिफ में कमी और सोयाबीन व्यापार की बहाली से उम्मीद की जा रही है कि दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्ते फिर से सामान्य हो जाएंगे।

यह मुलाकात न केवल व्यापारिक मोर्चे पर बल्कि राजनयिक संबंधों के पुनर्निर्माण के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है।