अगले आम बजट की तैयारियां जोरों पर हैं। फरवरी 2026 में पेश होने वाले बजट से पहले सरकार और उद्योग जगत दोनों ही अपने-अपने सुझावों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इस बीच पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) ने सरकार से बड़ी अपील की है। संगठन ने सुझाव दिया है कि सालाना 50 लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्तिगत करदाताओं (individual taxpayers) को इनकम टैक्स में राहत दी जानी चाहिए।
50 लाख तक की आय हो सकती है टैक्स फ्री
PHDCCI ने कहा है कि सरकार को नए टैक्स रेजीम (New Tax Regime) के तहत मौजूदा स्लैब में बदलाव करना चाहिए। फिलहाल 24 लाख रुपये से अधिक कमाई पर 30% टैक्स स्लैब लागू होता है। लेकिन संगठन का कहना है कि 30% की दर केवल 50 लाख रुपये से अधिक आय वालों पर लागू की जाए, ताकि मध्यमवर्ग को राहत मिल सके।
अगर सरकार इस सिफारिश पर अमल करती है, तो 50 लाख रुपये तक की कमाई वाले लोगों को टैक्स में काफी राहत या टैक्स-फ्री सीमा तक का फायदा मिल सकता है।
उद्योग संगठन ने सौंपी रिपोर्ट
PHDCCI ने अपनी सिफारिशें राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव को सौंप दी हैं। संगठन ने कहा कि टैक्स ढांचे को और सरल बनाना जरूरी है ताकि आम नागरिकों की क्रय शक्ति (purchasing power) बढ़े और उपभोग (consumption) में तेजी आए।
कॉरपोरेट टैक्स में भी राहत की मांग
संगठन ने न केवल व्यक्तिगत टैक्स बल्कि कॉरपोरेट टैक्स (Corporate Tax) में भी कमी की सिफारिश की है। फिलहाल कंपनियों पर 25% टैक्स लगता है, लेकिन PHDCCI का कहना है कि इसे 25% से नीचे लाया जाना चाहिए।
संगठन ने बताया कि पहले कॉरपोरेट टैक्स 35% था, जिसे घटाकर 25% किया गया। इस दौरान टैक्स कलेक्शन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई — 2018-19 में ₹6.63 लाख करोड़ से बढ़कर ₹8.87 लाख करोड़ हो गया। संगठन का कहना है कि कम टैक्स दरों से टैक्स अनुपालन (compliance) बढ़ेगा और सरकार को दीर्घकालिक लाभ होगा।
39% तक पहुंच रहा है पर्सनल टैक्स
फिलहाल व्यक्तिगत करदाताओं के लिए अधिकतम टैक्स दर 30% है, लेकिन सरचार्ज और सेस मिलाकर यह 39% तक पहुंच जाता है। संगठन का तर्क है कि यह बोझ आम आदमी पर बहुत ज्यादा है।
संगठन ने सुझाव दिया है कि —
₹30 लाख तक की कमाई पर टैक्स 20% से अधिक न हो।
₹30 लाख से ₹50 लाख के बीच की कमाई पर टैक्स 25% तक सीमित रखा जाए।
₹50 लाख से अधिक कमाई वालों पर ही 30% टैक्स लागू किया जाए।
नई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को भी राहत की सिफारिश
PHDCCI ने सरकार से यह भी आग्रह किया है कि धारा 115BAB के तहत नई मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को मिलने वाली टैक्स राहत को 2024 के बाद भी जारी रखा जाए।
संगठन का कहना है कि नई कंपनियों पर शुरुआती टैक्स दर 15% से अधिक नहीं होनी चाहिए, हालांकि उस पर उचित सरचार्ज लगाया जा सकता है। इससे भारत में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा और विदेशी निवेशक भारत में निवेश करने के लिए आकर्षित होंगे।
फरवरी में पेश होगा बजट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट पेश करेंगी। उद्योग जगत को उम्मीद है कि सरकार इस बार मध्यमवर्ग और टैक्सपेयर्स के लिए बड़ा ऐलान कर सकती है।
अगर सरकार PHDCCI के सुझावों पर गौर करती है, तो यह बजट आम लोगों के लिए राहत और उम्मीद दोनों लेकर आ सकता है।

